दो साल बाद पूरी क्षमता से मेडिकल कॉलेज का ओपीडी शुरू
बस्ती। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली अब पूरी क्षमता से आम जन के लिए संचालित होने लगा है। यहां ओपीडी, आपरेशन व भर्ती की व्यवस्था शत प्रतिशत क्षमता के साथ चलेगी। ऐसे में अब यहां पैथालोजिकल जांच, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड भी संचालित किया जाने लगा है। क्षय रोगियों को मुफ्त दवा दिए जाने का भी यहां पूरा प्रबंध है।
उल्लेखनीय है कि कोविड-19 के दौरान वर्ष 2019 में अस्पताल को लेबल टू कोविड हास्पिटल घोषित कर दिया गया था। इसके बाद यहां कोविड मरीज भर्ती किए जाने लगे। अस्पताल में सामान्य मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था बनाई गई थी, मगर कोविड मरीजों के चलते यहां कोई आना नहीं चाहता था। पहली लहर के बाद जब स्थिति सामान्य हुई तो ओपीडी खोली गई, मगर इसी बीच कोरोना की दूसरी लहर ने तबाही मचानी शुरू की। पूरा तंत्र इसमें भिड़ गया, मगर तमाम की जान चली गई। कोरोना की लहर थोड़ी शांत हुई तो करीब 250 बेड कोरोना के लिए बनाकर शेष में अस्पताल संचालित किए जाने की व्यवस्था बनाई गई, मगर ओपेक चिकित्सालय कैली की भीड़ तो जिला चिकित्सालय चली गई थी।
इसके बाद फिर से कोरोना की तीसरी लहर आई, मगर इस बार कोई खास असर नहीं डाल सकी। यह अलग बात है कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कैली चिकित्सालय को फिर से कोविड अस्पताल घोषित कर दिया गया। अब जब सब कुछ शांत हो गया है तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अस्पताल को आम लोगों की स्वास्थ्य सेवा के लिए पूरी तरह संचालित कर दिया है।
बोले प्राचार्य
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि कोविड अस्पताल के चलते यहां मरीज नहीं आते थे और ओपीडी बंद की गई थी। विशेष जरूरत पर ऑपरेशन आदि हो रहा था, मगर अब चिकित्सालय में मरीजों के उपचार के लिए ओपीडी व आईपीडी सेवाएं एवं विशेषज्ञ चिकित्सक फिजीशियन, सर्जन, हड्डी रोग, मानसिक रोग, चर्म रोग, ईएनटी, बाल रोग, प्रसूति विभाग, नेत्र रोग, क्षय रोग व दंत रोग ने ओपीडी में बैठना भी शुरू कर दिया है। कहा कि अस्पताल में आपरेशन भी पूरी क्षमता के साथ किए जाएंगे। इसके अलावा पैथालॉजिकल जांच व एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड आदि भी पूरी क्षमता के साथ सेवा देने लगे हैं। कोविड कॉल के बाद अब जाकर अस्पताल पूरी तरह आम जन के लिए खोला जा सका है।