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सात से आठ घंटे ही मिल रही है बिजली

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सात से आठ घंटे ही मिल रही बिजली
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हर्रैया (बस्ती )। 33/11 केवी विद्युत उप केंद्र से जुड़े फीडरों के लगभग 300 गावों व कस्बों में विद्युत संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में 16 घंटे आपूर्ति का दावा पूरी तरह फेल हो गया है। विगत एक सप्ताह से तो 24 घंटे में महज सात से आठ घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। रात में अघोषित कटौती से लोग रतजगा करने को मजबूर है। फसलों की भी सिंचाई नहीं हो पा रही है। जिम्मेदार मुख्यालय से मिल रही कम आपूर्ति की बात कह कर पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
उप केंद्र पर ग्रामीण क्षेत्र में आपूर्ति के लिए बेलभरिया, महराजगंज, केशवपुर, अमारी फीडर बनाए गए हैं। जबकि, नगर पंचायत व तहसील मुख्यालय की आपूर्ति के लिए अलग फीडर है। ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल है, जबकि नगरीय क्षेत्र में 24 घंटे आपूर्ति की बात कही जाती है। मगर इसके उलट गांवों में महज छह से सात घंटे व कस्बे में 14 से 15 घंटे आपूर्ति हो रही है। 27 अप्रैल को उप केंद्र के ग्रामीण फीडरों के लिए कुल पौने आठ घंटे आपूर्ति कई चरणों में मिली। जिसमें बेलभरिया फीडर पर लगभग साढ़े सात घंटे लाइन चली। महराजगंज फीडर पर केवल छह घंटे 45 मिनट व केशवपुर सात घंटा 40 मिनट बिजली लोगों को मिली। यही हाल 28 अप्रैल का रहा। कुल नौ घंटे पांच मिनट आपूर्ति से उप केंद्र को मिली। जिसमें से करीब दो घंटे ब्रेकडाउन के चलते केशवपुर फीडर पर आपूर्ति बाधित हुई। शुक्रवार को भी आपूर्ति का यही हाल रहा। रात एक बजे आई बिजली दो बजे चली गई। फिर सुबह साढ़े पांच बजे आई और आठ बजे कट गई। इसके बाद सुबह साढ़े 10 बजे आई और डेढ़ बजे कट गई।
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इस दौरान भी कई बार ओवरलोडिंग व तार गिरने से आपूर्ति ठप रही। नगरीय क्षेत्र का भी हाल बुरा है। अघोषित कटौती से लोगों का जीना हराम हो गया है। उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों की मुसीबत विद्युत कटौती ने बढ़ा दी। टाउन में बमुश्किल 14 से 15 घंटे आपूर्ति हो रही है। कसबा निवासी अशोक गुप्ता, लड्डू लाल, प्रमोद, संतोष ने बताया कि बिजली आने जाने का कोई समय नहीं रह गया है जिससे परीक्षा देने वाले छात्रों को परेशानी हो रही रही है। रात में कटौती से लोग सो भी नहीं पा रहे हैं।
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बांसगांव निवासी अखिलेश मिश्र व भैरोपुर निवासी जगदीश चौधरी ने परेशानी बयां करते हुए कहा कि 15 दिनों से बिजली कब आएगी कब जाएगी पता ही नहीं चलता। आने के बाद कभी 10 मिनट तो कभी आधे घंटे में कटने फिर आने से घरों में मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पाते।खेतो में फसलों की सिंचाई भी नहीं हो पा रही है। जुड़ईपुर निवासी संतोष सिंह ने कहा कि कटौती से सभी त्रस्त हैं। इस संबंध में अवर अभियंता मोहम्मद सलमान खान ने कहा कि मुख्यालय से मिली आपूर्ति के अनुसार फीडरों पर बिजली दी जा रही है। कोई रोस्टर नहीं रह गया है। अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन अरविंद कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती के लिए आपातकालीन रोस्टिंग का निर्देश सारनाथ से मिलता है। निर्देश के आधार पर बिजली कटौती की जा रही है। इसका कोई निश्चित समय नहीं है।
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