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मुठभेड़ में एक लाख का इनामी कमलेश गिरफ्तार

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मुठभेड़ में एक लाख का इनामी कमलेश गिरफ्तार
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बस्ती। साढ़े चार वर्ष पहले पुलिस को चकमा देकर भागे एक लाख रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर को पुलिस ने शनिवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। एसओजी टीम की मदद से हर्रैया पुलिस को यह कामयाबी मिली।
शनिवार को एसपी हेमराज मीना ने पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि शुक्रवार रात 11 बजे विशेषसरगंज-हर्रैया मार्ग पर ग्राम नदाये के पास से इनामी हिस्ट्रीशीटर कमलेश मांझी निवासी कौशल्या घाट थाना रामजन्म भूमि जनपद अयोध्या को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो डबल बैरल बंदूक, एक पिस्टल, बाइक, आठ कारतूस, एक चोरी की बाइक बरामद किया है। 27 अप्रैल-2016 को छावनी थाने के गौरिया नयन गांव के पास स्वॉट टीम और छावनी पुलिस से मुठभेड़ हुई थी जिसमें गोंडा निवासी राम कुमार यादव पुलिस की गोली से मारा गया था। उसके साथ मौजूद कमलेश मांझी निवासी कोतवाली अयोध्या गोली लगने से घायल हो गया था। पुलिस उसे गिरफ्तार करके जिला अस्पताल ले गई। उसके पैर में गोली फंसी हुई थी। एक मई को उसका ऑपरेशन करके गोली निकलवाने की योजना थी। इसके एक दिन पहले ही 30 अप्रैल को सुबह ब्रश करने के बहाने हथकड़ी समेत कमलेश जिला अस्पताल से फरार हो गया था। पुलिस तभी से उसकी तलाश कर रही थी। बरामद बाइक अयोध्या से चोरी की गई थी। जबकि फैक्ट्री मेड़ दोनों बंदूक के बारे में वह सही जवाब नहीं दे पाया। कमलेश ने बताया कि दोनों बंदूक उसे एक व्यक्ति ने रखने के लिए दिया था, लेकिन वापस नहीं ले गया।
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इस टीम को मिली कामयाबी
इनामी हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार करने में सर्विलांस सेल प्रभारी जितेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक श्याम मोहन तिवारी उपनिरीक्षक राहुल गुप्ता, उपनिरीक्षक सुरेश यादव, उपनिरीक्षक रामा प्रसाद यादव, उपनिरीक्षक अंशुमान सिंह के अलावा एसओजी टीम के बुद्धेश, दिलीप कुमार, राम सुरेश, आदित्य पांडेय, अजय कुमार यादव, सर्विलांस सेल के जयहिंद यादव जनार्दन प्रजापति, जितेंद्र यादव शामिल रहे।
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कमलेश पर दर्ज हैं 12 मुकदमे
बस्ती। छावनी थाने के गौरिया नयन गांव के पास 27 अप्रैल-2026 की सुबह मुठभेड़ में पकड़ा गया कमलेश मांझी दो दिन बाद जिला अस्पताल से पुलिस को चकमा देकर भागा था। अयोध्या जिले के कौशिल्या घाट थाना रामजन्म भूमि अयोध्या निवासी कमलेश मांझी अपने साथी राम कुमार के साथ अयोध्या, गोंडा और बस्ती फैजाबाद जिले में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा। विभिन्न थानों में कुल 12 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें लूट, हत्या के प्रयास, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट के केस शामिल हैं। 27 अप्रैल के पुलिस मुठभेड़ में गोंडा जिले के नवाबगंज थाने के हिस्ट्रीशीटर रामकुमार यादव को मार गिराया गया था। कमलेश मांझी ने आपराधिक वारदातों की शुरुआत वर्ष-2009 में बस्ती जिले के परशुरामपुर थाना क्षेत्र से की। पुलिस ने एक लूट और लूट के माल बरामदगी के मामले में उसे गिरफ्तार किया था। बाद में परशुरामपुर पुलिस ने गैंगस्टर भी लगाया। वर्ष-2016 में कमलेश ने ताबड़तोड़ कई घटनाओं को अंजाम दिया। अयोध्या जिले में रंगदारी मांगने, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, लूट की घटना को अंजाम दिया। इन मामलों में अयोध्या कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। मुठभेड़ के बाद पकड़े जाने पर कमलेश ने कैंट अयोध्या, कोतवाली अयोध्या, कोतवाली अयोध्या क्षेत्र में लूट की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की थी। कमलेश मांझी और मुठभेड़ में मारे गए रामकुमार यादव के साथ कई घटनाओं को अंजाम दिया था। इनमें 2016 में अयोध्या में रंगदारी मांगने, 2009 में परशुरामपुर थानाक्षेत्र में लूट और लूट के माल बरामदगी और गैंगस्टर एक्ट के मामले शामिल हैं।
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