संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बहुचर्चित राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड के 22 साल पुराने मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई की गई। गवाह के अदालत में मौजूद न होने की वजह से गवाही नहीं कराई जा सकी। न्यायालय ने 10 अप्रैल तारीख मुकर्रर करते हुए आदेश दिया कि उस दिन गवाह को उपस्थित रहने के लिए सम्मन भेजा जाए।
इस केस में आरोपी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी सहित तीन आरोपियों की अलग फाइल चल रही है, जिसमें अमरमणि की संपत्तियों की कुर्की प्रक्रिया चल रही है।
एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने अलग की गई अन्य आरोपियों की पत्रावली में गवाही के लिए 21 मार्च की तारीख दी थी।
वादी मुकदमा धर्मराज मद्धेशिया की मृत्यु हो गई है। अपहृत किए उनके पुत्र राहुल मद्धेशिया की गवाही पूरी हो चुकी है। अब अन्य गवाहों का बयान कराने की कार्रवाई चल रही है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के रोडवेज तिराहा निवासी धर्मराज मद्धेशिया के पुत्र राहुल का अपहरण छह दिसंबर 2001 को स्कूल जाते समय हो गया था। इस मामले में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी सहित नौ आरोपित पर आरोपपत्र दाखिल किया गया था। अमरमणि सहित तीन की पत्रावली अलग कर दी गई थी। विचाराधीन मुकदमे की सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपित संदीप त्रिपाठी की मृत्यु हो गई है। हनुमान शुक्ला, अजय मिश्रा, आनंद सिंह, रामविलास व जग प्रसाद वर्मा पर आरोप तय किया गया है। जिस पर ट्रायल चल रहा है। संवाद