बस्ती। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया का एक चरण पूरा हो चुका है और पहली सूची प्रकाशित कर दी गई है। लेकिन, अभी भी शतप्रतिशत मतदाताओं की पुख्ता छानबीन नहीं हो सकी है।
जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में डिजिटलाइज्ड किए गए 15 लाख 98 हजार 289 मतदाताओं में से एक लाख 26 हजार मतदाताओं की वर्ष 2003 की सूची से मैपिंग नहीं हुई है। अब प्रशासनिक स्तर से इन मतदाताओं की नए सिरे से मैपिंग कराने के प्रयास शुरू किए गए हैं, इन्हें नोटिस भेजी जाएगी।
बता दें कि एसआईआर की प्रकाशित नई सूची में पहले से ही दो लाख 98 हजार 285 यानी 15.9 प्रतिशत मतदाताओं की संख्या जिले में घट गई है। इसके बाद जिन मतदाताओं का नाम सूची में हैं और मौके पर मौजूद पाए गए हैं उसमें से 1.26 लाख मतदाता नो मैपिंग की श्रेणी में है। यदि इन मतदाताओं की वर्ष 2003 की सूची से मैपिंग नहीं हो पाई तो यह एसआईआर के मानक पर सही नहीं ठहरेंगे। मतदाता सूची से इनके नाम कटने की आशंका बढ़ जाएगी।
इसलिए प्रशासन को इन मतदाताओं को दोबारा मौका देकर मतदाता सूची में बनाए रखने की पहल शुरू कर दिया है। द्वितीय चरण में नो- मैपिंग वाले सभी मतदाताओं के नाम नोटिस तैयार की जा रही है। इसी सप्ताह बूथवार नो मैपिंग वाले मतदाताओं की नोटिस बीएलओ को प्राप्त करा दी जाएगी। इसके बाद बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को नोटिस थमाएंगे।
नोटिस मिलने के एक सप्ताह के भीतर मतदाताओं को अपने साक्ष्य प्रस्तुत करने अनिवार्य होंगे। साक्ष्य सही पाए जाने पर ही उन्हें एसआईआर सूची में यथावत बने रहने दिया जाएगा। नोटिस में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए निर्धारित जगह का भी उल्लेख रहेगा। ताकि मतदाता को भटकना न पड़े।
99 एईआरओ करेंगे साक्ष्यों की जांच : नो मैपिंग वाले मतदाताओं के साक्ष्यों की जांच के लिए जिले में 99 एईआरओ नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक विधानसभा में 20 एईआरओ तैनात रहेंगे। प्रत्येक एईआरओ ब्लॉक अथवा न्याय पंचायत स्तर पर अपना एक कैंप कार्यालय बनाएंगे। जहां मतदाता को नोटिस मिलने के एक सप्ताह के भीतर साक्ष्य प्रस्तुत होना होगा।
पहले थे 19 लाख 430 मतदाता : वर्ष 2024 के केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्वाचक नामावली में बस्ती के पांच विधानसभा क्षेत्रों में कुल मतदाताओं की संख्या 19 लाख 430 थी। एसआईआर प्रक्रिया में इस बार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 50 हजार से अधिक मतदाता घट गए हैं। दो लाख 98 हजार 285 यानी 15.9 प्रतिशत मतदाताओं की संख्या कम हुई है। इसमें मृतक मतदाता के अलावा दूसरे जगहों पर शिफ्टेड मतदाता और कुछ ऐसे मतदाता हैं जिनके बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका है। इन मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया गया है।
65 हजार लोगों ने भरा फार्म छह : नए मतदाता बनने के लिए जिले भर से कुल 65 हजार लोगों ने फार्म छह भरकर जमा किया है। यह वह लोग जो पहली बार मतदाता बनेंगे। इसमें एक जनवरी से 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की अवधि पूरी करने वाले अर्ह माने जा रहे हैं। ऐसे युवा बीएलओ के माध्यम से फार्म छह भरकर मतदाता सूची में नाम शामिल करा सकते हैं।