बस्ती। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) पर स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर बनाई जाएंगी। इसके लिए सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने चार नोडल अधिकारी नामित किए हैं। प्रत्येक नोडल अधिकारी को प्रतिदिन कम से कम 10 सेंटर का निरीक्षण करना होगा। इसकी रिपोर्ट सीएमओ को दी जाएगी। एचडब्ल्यूसी को सक्रिय बनाए रखने के लिए सीएमओ ने खुद मॉनीटरिंग शुरू कर दी है। पिछले दिनों निरीक्षण में कुछ सेंटरों के बंद मिलने के बाद महकमा अलर्ट मोड में आ गया है। जिले में कुल 369 हेल्थ वेलनेस सेंटर है।
गंभीर बीमारी का लक्षण, पहचान कर बेहतर चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने में इन सेंटरों की अहम भूमिका है। टेली कंसल्टेशन के माध्यम से परामर्श कर स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को आवश्यक जांच, उचित परामर्श के साथ दवाइयां भी मुहैया कराई जाती है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) रोगियों के जांच और इलाज में भरपूर मदद करते हैं।
इन सेंटरों पर मलेरिया, हीमोग्लोविन, ब्लड प्रेशर, वजन, स्पूटम, बलगम सहित कुल 14 प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा आमजन को योग के माध्यम से निरोग रखने के लिए प्रेरित भी किया जाता है।
अब इन सेंटरों को नियमित निगरानी में रखे जाने की व्यवस्था बनाई गई है। सीएमओ ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. एके गुप्ता को सीएचसी कुदरहा, बहादुरपुर, बनकटी क्षेत्र आवंटित किया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विनोद कुमार को गौर, सल्टौआ, भानपुर व रुधौली, डिप्टी सीएमओ डाॅ. अशोक चौधरी को सीएचसी साऊंघाट, कप्तानगंज, हर्रैया व मरवटिया की जिम्मेदारी दी है।
डिप्टी सीएमओ डाॅ. एसबी सिंह को सीएचसी विक्रमजोत, परशुरामपुर व दुबौलिया क्षेत्र के हेल्थ वेलनेस सेंटरों का नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रतिदिन दस सेंटरों का निरीक्षण प्रत्येक नोडल अधिकारी करेंगे। कर इसकी रिपोर्ट सीएमओ को देनी होगी।