भदेश्वरनाथ के पास निर्माणधीन अंडरपास में लगे श्रमिक बिना सुरक्षा किट के दिखे संवाद
बस्ती। जिले में निर्माणाधीन रिंग रोड में किसान मनमानी का आरोप लगा रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें पेड़ का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। बिना मानक के ही कहीं-कहीं निर्माण शुरू करवा दिया गया है। आरोप है कि रात में बिना सेफ्टी किट के श्रमिकों से कार्य कराया जा रहा है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
बता दें कि गोटवा के पास से शुरू हुई रिंग रोड की यह परियोजना हड़िया ओवरब्रिज नेशनल हाईवे तक जाएगी। पहले चरण में 22 किमी. लंबे रिंग रोड का निर्माण चल रहा है। यह मार्ग बेलाड़ी से पिपरा-गौतम मार्ग पर बक्सर व प्रसादपुर गांव के बीच से होकर गुज रही है। प्रसादपुर के पास बन रहे फ्लाईओवर का कार्य भी तेजी से चल रहा है। लेकिन मार्ग में आ रहे पेड़ का मुआवजा अभी तक किसानों में वितरित नहीं किया जा सका है, जबकि निर्माण कार्यदायी संस्था संबंधित विभाग को पैसा भेज चुकी है।
अब किसान मुआवजा जल्द देने की मांग किए हैं। वहीं, नौगढ़ के पास बिना सर्विस लेन दिए ही अंडरपास के निर्माण पर किसान व स्थानीय राहगीर आपत्ति दर्ज कराते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। बताया गया कि रिंग रोड के बन जाने से जहां आवागमन आरामदेह होगा, वहीं जाम का संकट भी कम होगा। आवागमन के लिए राहगीरों को एक विकल्प रास्ता भी मिल जाएगा।
पहले फेज का काम चल रहा है, इसमें जिले के 54 गांव आ रहे हैं। यह रोड 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। इससे यातायात सुगम होगा, यह परियोजना कुल 1138.72 करोड़ की है। पहले चरण में 54 गांवों में 115 हेक्टेयर भूमि सड़क के लिए अधिग्रहीत की जा चुकी है। काफी हद तक मुआवजे का वितरण हो चुका है। लेकिन, पेड़ का मुआवजा अभी ढिलाई में फंसा हुआ है। गोटवा के पास पुरैना में बनेगा ओवरब्रिज : गोटवा के पास से बरवनिया से बक्सर होते हुए कुआनो नदी के पास राजाजोत तक चार किमी. के दूरी में पोकलेन मशीनें अधिग्रहीत जमीनों में खोदाई का काम कर चुकी हैं। उधर, दसकोलवा, छितही नरसिंह, बायपोखर आदि गांव होते हुए गोरखपुर-लखनऊ हाईवे तक करीब 11 किमी की दूरी में भूमि की निशानदेही का कार्य पूरा कर लिया गया है। सबदेइया कला के साथ गोटवा के पुरैना के पास ओवरब्रिज का निर्माण होगा। यहीं से वाहन रिंग रोड से होकर आगे का सफर तय कर सकेंगे।