सीतापुर आंख अस्पताल भूमि विवाद में आया नया मोड़
बस्ती। सीतापुर आंख अस्पताल की बेशकीमती भूमि को लेकर एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। इस बार नगर पालिका अध्यक्ष व ईओ ने चौकाने वाला खुलासा किया है। कहा है कि जिला पंचायत नगर पालिका की भूमि को कूटरचित ढंग से हासिल करना चाह रही है।
शुक्रवार को नगर पालिका की अध्यक्ष रूपम मिश्र व ईओ अखिलेश त्रिपाठी ने लिखित बयान जारी किया। इसमें दावा किया गया है कि ग्राम पिकौरादत्तूराय तप्पा हेवी परगना बस्ती पूरब में नगर पालिका की कुल 23 बीघा, 17 बिस्वा 16 धुर जमीन विभिन्न गाटों में स्थित है। असिस्टेंट सेक्रेटरी की ओर से जारी शासनादेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि जिला बोर्ड वर्तमान में जिला पंचायत को यह कहा गया था कि नगर पालिका को रोड, स्कूल इत्यादि उपलब्ध कराया जाए। इसके क्रम में उक्त संपत्तियां नगर पालिका को उपलब्ध करा दी गई। बताया कि वर्ष-1951 में जिला बोर्ड से यह प्रार्थना किया गया कि नगर पालिका के हद के तमाम सड़कों सहित मुवैशी खाना, सराय, इमारत, कटेश्वरपार्क आदि पालिका को दे दी जाए, जिसके क्रम में जिला बोर्ड ने 1951 में ही बोर्ड प्रस्ताव लाकर नगर पालिका को आदेश दिया कि शिवाय बोर्ड के उस इमारत जिसमें इस वक्त नार्मल स्कूल व स्काउट प्रेस है, बाकी नगर पालिका की ओर से मांगी गई सड़कें स्कूल आदि नगर पालिका परिषद बस्ती के नाम कर दी जाएं। इसके तहत नगर पालिका ने जिला परिषद की उक्त भूमि जिसपर सीतापुर आंख अस्पताल भी है को अपने नाम दर्ज कराया। अध्यक्ष ने बताया कि जिला परिषद यानी कि वर्तमान में जिला पंचायत ने उक्त भूमि को गलत ढंग से सीतापुर ट्रस्ट को दे दिया। जबकि यह भूमि नगर पालिका को 21 मई 1951 में ही हैंडओवर किया जा चुका था। अध्यक्ष ने कहा कि कुछ लोग नगर पालिका की इस करोड़ों की भूमि पर गलत ढंग से काबिज होना चाह रहे हैं। कहा कि जिला पंचायत कूटरचित ढंग से नगर पालिका की भूमि केे हासिल करना चाह रही है।
सीतापुर अस्पताल पहुंचे अपर मुख्य अधिकारी, बोले-खाली करो जमीन
सीतापुर आंख अस्पताल भूमि विवाद में आया नया मोड़
बस्ती। नगर पालिका परिषद जहां सीतापुर आंख अस्पताल की भूमि को अपना बता रही है, वहीं ट्रस्ट भी यही दवा कर रही है। इसके साथ ही जिला पंचायत भी उक्त भूमि को अपना मान रही है। तीनों दावेदारों की ओर से अलग-अलग दलीलें दी जा रही हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिर यह जमीन किसकी है।
लगभग एक हफ्ते से नगर पालिका की ओर से यह प्रयास किया जा रहा है कि जो लोग सीतापुर आंख अस्पताल के भवनों में रह रहे हैं वे खाली कर दें। इसके लिए बकायदा मुनादी भी कराई गई और जेसीबी भी दौड़ाई गई। कुछ भवनों को अतिक्रमण मानते हुए ध्वस्त करा दिया गया। इस बीच पालिका ने सभी को जल्द भवनों को खाली करने की चेतावनी दी। शुक्रवार को उस समय पूरे प्रकरण में तब नया मोड़ आ गया, जब जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी विकास मिश्रा टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उक्त भूमि को जिलर पंचायत का बताते हुए भवनों में रह रहे लोगों को जल्द खाली करने के निर्देश दिए। इस बीच सभी असमंजस में पड़ गए कि आखिर यह भूमि किसकी है, एक तरफ नगर पालिका कह रही है कि यह उसकी भूमि है, दूसरी तरफ जिला पंचायत अपना बता रहा है, तीसरी तरफ ट्रस्ट की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि उक्त भूमि पर 90 वर्ष तक पूर्ण रूप से उसका अधिकार है। इस संबंध में अपर मुख्य अधिकारी विकास मिश्रा ने कहा कि उक्त भूमि जिला पंचायत की है, चूंकि सीतापुर आंख अस्पताल अब चल नहीं रहा है, इस वजह से यहां रह रहे लोगों को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।