संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मोहित यादव का अपहरण कर हत्या करने के मामले की तफ्तीश अब सीबीसीआईडी को सौंप दी गई है। कोतवाली पुलिस की जांच पर परिवार के लोगों ने सवाल उठाए थे। आरोप लगाया जा रहा था कि विवेचक फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास नहीं कर रहे हैं।
साक्ष्य संकलन में भी खामी की शिकायत की थी। ऐसे में शासन के निर्देश पर केस को सीबीसीआईडी को सौंप दिया गया है। इससे पहले क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर संजय कुमार के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर तफ्तीश सौंपी गई थी।
एसआईटी ने साक्ष्य संकलन शुरू कर दिया था। इसी बीच परिवार के लोगों ने शासन में प्रार्थनापत्र दिया कि इस जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। इसलिए केस सीबीसीआईडी को सौंप दी जाए। इस केस में अब तक 16 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
एसआईटी के इंस्पेक्टर संजय कुमार ने बताया कि केस की सभी पत्रावली सीबीसीआईडी को सौंप दी गई है। कुआनो मथने के बावजूद नहीं मिला शव ःगिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया था कि मोहित की पिटाई के दौरान मौत हो गई है। मगर, उसके शव को कहां फेंका गया, इसकी पक्की जानकारी कोई नहीं दे पाया था।
सभी यह कहते रहे कि इलहान, प्रिंस और अभिषेक ही अंतिम समय तक मोहित के साथ थे। वे लोग कुआनो नदी में शव फेंकने की बात कहकर निकले थे। मगर, किस जगह शव फेंका गया इसका पता नहीं है। अनुमान के आधार पर चंगेरवा से बानपुर तक कई दिनों तक कुआनो नदी को एसडीआरएफ की टीम ने मथा। मगर, शव का पता नहीं चल पाया। बाद में इलहान की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि चंगेरवा गांव से करीब एक किमी पश्चिम स्थित पुल से शव को नदी में फेंका गया था। पुलिस ने एसडीआरएफ की मदद से कई दिनों तक तलाश की। फिर भी कामयाबी नहीं मिल पाई।
कोतवाली क्षेत्र के पिकौरा दत्तुराय मोहल्ले में अविनाश सिंह के मकान में किराये पर रहने वाले मोहित यादव की 12 जुलाई को हत्या कर दी गई थी। मकान मालिक ने पांच नामजद व अन्य पर केस दर्ज कराया था। ै