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Basti News: दूध का उत्पादन कम, खपत ज्यादा पाउडर वाले दूध से पूरी हो रही मांग

Wed, 12 Mar 2025 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। होली में दूध की खपत ज्यादा हो गई है। स्थानीय स्तर पर उत्पादन कम है। जिले भर में दूध की कुल उत्पादन 25 टन के आसपास है। जबकि होली पर्व, लगन, रमजान महीना होने के कारण आवश्यकता बढ़कर 60 से 70 टन हो गई है। ऐसेे में 45 से 50 टन दूध की उपलब्धता विश्वसनीय नहीं रह गई है। इन दिनों पाउडर वाले दूध की मांग बढ़ गई है। इसके कारोबार में दोगुना का उछाल आया है। होटल, रेस्टोरेंट में अधिकतर पाउडर वाले दूध का इस्तेमाल हो रहा है। मिलावटखोरों से परेशान आम लोग भी अब खोआ और पनीर बनाने के लिए दूध खरीद रहे हैं।
दुग्ध कारोबार से जुड़े जानकारों के अनुसार, कुछ दिनों पहले तक बस्ती में रोजाना 10 से 15 टन पाउडर का दूध खप रहा था, जो बढ़कर 25 से 30 टन तक हो गया है। यह जानकर हैरत होगी कि बस्ती में रोजाना करीब 60 से 70 टन दूध की खपत है, मगर इतनी बड़ी मात्रा में यहां दूध का उत्पादन ही नहीं है। पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में करीब 1.85 लाख गाय-भैंस हैं।
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इसमें 60 प्रतिशत ही दूध देने वाले हैं। इनसे 20 से 25 टन दूध का ही उत्पादन रोजाना हो पा रहा है। ऐसे में बाकी मांग को पाउडर और पैकेट के दूध पूरा करते हैं।
शहर में पाउडर वाले दूध का कारोबार तेजी से बढ़ता जा रहा है। पहले रोजाना 15 टन की खपत थी। अब 30 टन के आसपास हो गई है। होली में इसका कारोबार रोजाना 18 लाख रुपये तक पहुंच गया है। पाउडर दूध के कारोबारियों का कहना है कि सबसे ज्यादा ऑर्डर मिठाई की दुकानों से आ रहे हैं। बाजार में 250 से लेकर 320 रुपये किलो तक के मिल्क पाउडर हैं। अलग-अलग मिठाइयों के लिए अलग पैकेट का इस्तेमाल होता है। बाजार में बनी अधिकतर मिठाइयों में मिल्क पाउडर का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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दूध कारोबारी गगन ने बताया कि त्योहार आते ही मिल्क पाउडर की मांग बढ़ गई है। पहले सिर्फ दुकानदार ही लेकर जा रहे थे। अब किराना वाले भी इसे लेकर जा रहे हैं। उनका कहना है कि आम लोग इसे खोआ, पनीर आदि बनाने में इस्तेमाल कर रहे हैं।
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