फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: 42 डिग्री पर पारा...बिजली कटौती से सांसत, उपकेंद्रों पर हंगामा

Fri, 22 May 2026 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। भीषण गर्मी और लू के बीच तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। सुबह से ही तेज धूप निकल रही है और दोपहर होते-होते लू के थपेड़ों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इधर, शहर के आवास विकास, रामेश्वरपुरी, महरीखांवा, सिविल लाइंस में बुधवार की शाम सात बजे बिजली गुल होने से नाराज उपभोक्ताओं ने अमहट उपकेंद्र का घेराव किया। वहीं, रुधौली नगर पंचायत में अघोषित बिजली कटौती से नाराज लोगों ने उपकेंद्र पर पहुंचकर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन


बढ़ते तापमान के कारण उपकेंद्र और फीडरों पर लगे ट्रांसफाॅर्मर पर लोड बढ़ गया है, जिससे वे हांफने लगे हैं। मई में महज बीस दिन के भीतर जिले में 116 ट्रांसफाॅर्मर जल गए। वहीं, मंडल में यह आंकड़ा और चौकाने वाला है। बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर जिले में इस अवधि के भीतर 247 ट्रांसफाॅर्मर जल चुके हैं। इसके चलते बिजली कटौती से लोग बिलबिला रहे हैं। ट्रांसफाॅर्मरों की उपलब्धता की बात करें तो स्थिति और चिंताजनक है। निगम ताबड़तोड़ जल रहे ट्रांसफाॅर्मरों को तत्काल बदलने की स्थिति में नहीं है। तीनों जिलों के निगम कार्यशाला में महज 933 ट्रांसफाॅर्मर उपलब्ध है। इसमें बस्ती जिले की कार्यशाला में 203 ट्रांसफाॅर्मरों की उपलब्धता है।
बस्ती जिले में बिजली निगम चार खंडों में विभाजित है। यहां 33/11 केवी के कुल 34 उपकेंद्र बनाए गए हैं। इनके अधीन 17 हजार ट्रांसफाॅर्मर लगे हुए हैं। इनके जरिये जिले की तीस लाख आबादी में बिजली आपूर्ति की जा रही है। गर्मी का सीजन शुरू होने से ऊर्जा मंत्रालय से कई बार विद्युत लाइन, उपकेंद्र, ट्रांसफाॅर्मर के मरम्मत के फरमान आए और पानी की तरह बजट भी बहाया गया। कागजों में लगभग सभी ट्रांसफाॅर्मरों और उपकेंद्रों के मरम्मत कार्य जनवरी-फरवरी माह में ही पूरे कर लिए गए थे।
विज्ञापन

इधर, जब भीषण गर्मी शुरू हुई तो यह सभी दावे फेल होने लगे हैं। शुरुआती दौर में ही ट्रांसफाॅर्मर और बिजली के तार बढ़े तापमान को नहीं सहन कर पा रहे हैं। घरों एसी, कूलर के उपयोग शुरू होते ही लोड बढ़ा तो जगह-जगह लगे ट्रांसफाॅर्मर जलने लगे हैं। वर्तमान में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति का कोई निश्चित समय ही नहीं है। लोकल फाल्ट या ट्रांसफाॅर्मर जलने पर एक-एक सप्ताह तक बिजली गुल रह रही है। वहीं, शहर में भी बिजली की आपूर्ति ध्वस्त हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें