एक ओर पेंट कारोबार तो दूसरी ओर स्वदेशी झालरें बिखेर रहीं रंग
घर की पुताई के लिए लाइट यलो, पिंक, गोल्डन रंग की मांग अधिक
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दिवाली पर घर की सजावट में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता। लोगों की इस चाहत को पूरा करने के लिए बाजार तैयार है। एक ओर पेंट कारोबार तो दूसरी ओर स्वदेशी झालरें रंग बिखेर रही हैं। कारोबारियों ने बीते साल से 20 फीसदी ज्यादा कारोबार ने की उम्मीद जताई है।
कारोबारियों के मुताबिक दिवाली से पूर्व लोग अपने घरों को सजाने-संवारने में लगे हैं। रंग-रोगन करा रहे हैं। इससे बाजार में पेंट की बिक्री बढ़ गई है। अधिकतर लोग लाइट यलो, पिंक, गोल्डन रंग की मांग कर रहे हैं। वहीं श्रमिकों को रंगाई- पुताई का कार्य मिलने से उनके घरों में भी दीपोत्सव धूमधाम से मनेगा। पेंट कारोबारी पिंटू पांडेय के मुताबिक कारोबार बेहतर जा रहा है। नई डिजाइन के ब्रश की मांग ज्यादा है। क्योंकि फर वाले ब्रश के सूखने के बाद दोबारा साफ करना मुश्किल होता है।
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देसी झालर में वैरायटी कम, फिर भी ग्राहकों को पसंद
कंपनी बाग के इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी अभिषेक गुप्ता के मुताबिक अब बाजार पर चीन की पकड़ कमजोर हो रही है। इस साल ज्यादातर माल कानपुर, दिल्ली व कोलकत्ता से मंगाया गया है। लाइटिंग वाली लक्ष्मी-गणेश व अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं, सतरंगी एलईडी लाइट और स्वदेशी झालरें बिक रही हैं। इनकी मांग ज्यादा पर वैरायटी कम है।
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पांच मीटर झालर की कीमत 50 रुपये से शुरू
बाजार में मौजूद चाइनीज झालर की पांच मीटर की लड़ी 30 रुपये से 100 रुपये तक की रेंज में है। इसकी करीब दो दर्जन से ज्यादा डिजाइन हैं, लेकिन इनकी कोई गारंटी-वारंटी नहीं है। न ही मरम्मत हो सकती है। स्वदेशी झालर 50 रुपये से शुरू होकर 200 रुपये तक है। इनकी मरम्मत भी हो जाती है।