बस्ती। जिला महिला चिकित्सालय की पुरानी बिल्डिंग से जल्द छुटकारा मिलेगा। इसके लिए स्थानीय स्तर से भेजे गए प्रारंभिक नक्शा आदि के प्रस्ताव की मंजूरी मिल गई है। शासन से नक्शा स्वीकृत होने पर अब बजट के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा जाएगा। विभागीय जानकारों के अनुसार करीब 50 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाने की तैयारी है।
बताया गया कि कार्य और एस्टीमेट बनाने की जिम्मेदारी सी एंड डीएस कार्यदायी संस्था को सौंपी गई है। चार मंजिला भवन में ओपीडी, आईपीडी, वार्ड, एसएनसीयू आदि यूनिट संचालित होंगे। लंबे समय से चली आ रही मांग जल्द पूरी होने जा रही है। सी एंड डीएस की तरफ से जिला महिला अस्पताल बस्ती के नए भवन के नक्शे को तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा था, जिसकी मंजूरी मिल गई है। अब बजट के लिए उच्च अधिकारियों के अनुमोदन के बाद प्रस्ताव बनाया जा रहा है। बजट मिलने के बाद निर्माण कार्य को शुरू कर दिया जाएगा।
जिला महिला अस्पताल को नया स्वरूप देने के लिए विभागीय प्रक्रिया तेज है। नए भवन के निर्माण के लिए तैयार नक्शा में चार मंजिला भवन है। इसमें ओपीडी, आईपीडी, वार्ड समेत अन्य यूनिट संचालित होंगी। बताया गया कि चार मंजिला अत्याधुनिक भवन का निर्माण होने से अस्पताल में बेड की संख्या भी बढ़ जाएगी। अभी 150 बेड ही है। जिसे बढ़ाकर भविष्य में तीन सौ किया जा सकेगा। इससे क्षेत्र की जनता को काफी लाभ मिलेगा।
अस्पताल के भवन का विस्तार करने के लिए काफी समय से मांग उठाई जा रही थी। इसे लेकर अब प्रक्रिया शुरू हो गई है। भवन में पार्किंग, ओपीडी ब्लॉक, महिला वार्ड, शौचालय और लिफ्ट और ओपीडी की सुविधा उपलब्ध होगी ताकि मरीजों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो। बताया गया कि पुराने भवन को तोड़कर नए भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परिसर के आंगन में अत्याधुनिक अस्पताल नजर आएगा। ग्राउंड फ्लोर समेत चार मंजिला इमारत होगी। चिकित्सकीय संसाधनों से लैस इस भवन में लिफ्ट की भी सुविधा दी जाएगी। ओपीडी, ऑपरेशन थियेटर, दवा वितरण कक्ष और वार्ड सभी एक छत के नीचे होगा।
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इसी साल शुरू हुई थी कवायद
जिला महिला अस्पताल के जर्जर भवन और अव्यवस्थित भवन होने के नाते परेशानी हो रही है। इसे देखते हुए सीएमएस डॉ. अनिल कुमार ने इसी चालू वित्तीय साल में प्रयास किया। उन्होंने नए भवन की कवायद शुरू की। डीएम के निर्देश पर निर्माण इकाई सी एंड डीएस ने प्रस्ताव तैयार किया था। जिला प्रशासन की ओर से यह प्रस्ताव शासन को भेजा गया। इस पर शासन ने मुहर लगा दी है। अब जिला महिला अस्पताल के नए भवन के लिए 50 करोड़ का बजट मांगने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। इस लागत से टावर की शक्ल में चार मंजिला इमारत बनाई जाएगी।
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पुराने भवन को तोड़कर बनाएंगे नया
पुराने अस्पताल भवन को ध्वस्त कर उसी जगह पर नए भवन की डिजाइनिंग की गई है। इस भवन में ओपीडी, ओटी समेत सौ शैय्या का अस्पताल संचालित किया जाएगा। आधुनिक मशीनों की उपलब्धता के साथ जिला अस्पताल का यह नवीन भवन मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली के समानांतर नजर आएगा। वर्तमान में ओपीडी, पैथोलॉजी, ओटी, इमरजेंसी, वार्ड, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड आदि सेवाएं अस्पताल परिसर में अलग-अलग भवन में संचालित हो रही है। इन भवनों का एक-दूसरे से काफी फासला है। ऐसे में मरीज और तीमारदारों को डॉक्टर को दिखाने से लेकर भर्ती और जांच कराने तक भाग दौड़ करनी पड़ती है। शारीरिक रूप से अशक्त मरीजों को स्ट्रेचर पर लेकर इधर से उधर घूमना पड़ता है। नए भवन बनने से यह समस्या खत्म हो जाएगी।
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सौ साल पुराना हो चुका है जिला अस्पताल
जिला महिला अस्पताल भवन सौ साल पुराना हो चुका है। अंग्रेजों के जमाने में इसकी स्थापना हुई थी। हालांकि, इधर दो से तीन दशक में यह अस्पताल काफी विस्तार रूप ले चुका है। एसएनसीयू, हौसला सेंटर, महिला सेंटर, ड्रग हाउस बनवाए गए, लेकिन पुराने भवन में ही ओपीडी, आईपीडी आदि सेवाएं चल रही हैं। जो 100 साल से अधिक के भवन हो चुके हैं। इससे पानी टपकता है। लुक भी बदरंग नजर आता है।
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आवासीय भवनों की भी हालत जर्जर
अस्पताल परिसर में चिकित्सकों के आवास और नर्सेज हॉस्टल की हालत जर्जर हो चुकी है। पुराना भवन होने के नाते दीवारों के प्लास्टर उखड़ गए हैं। कई आवास के छत भी टपक रहे हैं। खिड़की-दरवाजे भी टूट चुके हैं। इसमें रहने वाले चिकित्सक और स्टाॅफ नर्स किसी तरह अपने खर्च से अंदर मरम्मत कराकर काम चला रहे हैं। परिसर में बारिश के दिनों में पानी भी लग जाता है। आवासीय क्षेत्र की सड़कें भी खस्ताहाल हैं। इनके कायाकल्प की दरकार लंबे समय से है।
कोट
शासन को नए अस्पताल भवन के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। अब नक्शा की मंजूरी मिल गई है। पुराने भवन को ध्वस्त कर नए भवन का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। जैसे ही धन अवमुक्त होगा, निर्माण इकाई निविदा प्रक्रिया शुरू कर देगी।
-डॉ. अनिल कुमार, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल, बस्ती।