बस्ती जिले के रुधौली के पड़रिया चेत सिंह गांव के अंकित व आमिना खातून की मौत का पर्दाफाश पुलिस ने सोमवार को कर तो दिया, लेकिन कई सवाल अनसुलझे रह गए। सबसे बड़ा अंतर्विरोध अंकित की मां के बयान और हत्या आरोपियों के बयान में है। आरोपियों को रिमांड पर नहीं लेना भी सवाल खड़े कर रहा है। वहीं, एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी का कहना है कि पुलिस अंकित के मां के बयान की जांच करेगी।
अंकित की मां कुमारी देवी पहले दिन से ही कह रही हैं कि उनके बेटे को आमिना के भाई शुक्रवार रात में बुलाकर ले गए थे। अब आरोपियों ने पुलिस को बयान दिया है कि उन्होंने अंकित को बहन के साथ आपत्तिजनक हाल में देखने के बाद उसी के सामने गला दबाकर मार डाला। यदि अंकित की मां का बयान सही है तो अंकित की हत्या साजिश लगती है।
आरोपियों ने साजिश के तहत अंकित को बुलाया और उसकी जान ले ली। यही नहीं, यदि आरोपियों का बयान सही है, तो आपत्तिजनक हाल में देखने पर उन्होंने केवल अंकित की जान ली, बहन को क्यों छोड़ दिया? जबकि ऐसी स्थिति में क्रोध तो दोनों पर आता है। आपा खोने वालों में इतना विवेक कैसे आ सकता है? आरोपी अपने बयान में आमीना की मौत को खुदकुशी बता रहे हैं, जबकि यदि उनका अंकित के बारे में बयान सही है, तो आमिना के बारे में दिए गए बयान से सहमत होना तर्कसंगत नहीं लगता है।