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अनसुलझे रह गए कई सवाल: अंकित के हत्या आरोपियों और मां के बयान में है अंतर्विरोध, अमीना की मौत भी संदिग्ध

Tue, 30 Aug 2022 10:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।

सार

अंकित की मां के बयान की पुष्टि मामले की तफ्तीश कर रहे इंस्पेक्टर रुधौली रामकृष्ण मिश्र के बयान से भी होती है। रामकृष्ण का कहना है कि उन्हें करीब साढ़े चार बजे सूचना मिली कि गन्ने के खेत में युवक का शव मिला है। मौके पर पहुंचने से पहले उसकी पहचान हो चुकी थी।
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प्रेम युगल की हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बस्ती जिले के रुधौली के पड़रिया चेत सिंह गांव के अंकित व आमिना खातून की मौत का पर्दाफाश पुलिस ने सोमवार को कर तो दिया, लेकिन कई सवाल अनसुलझे रह गए। सबसे बड़ा अंतर्विरोध अंकित की मां के बयान और हत्या आरोपियों के बयान में है। आरोपियों को रिमांड पर नहीं लेना भी सवाल खड़े कर रहा है। वहीं, एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी का कहना है कि पुलिस अंकित के मां के बयान की जांच करेगी।

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अंकित की मां कुमारी देवी पहले दिन से ही कह रही हैं कि उनके बेटे को आमिना के भाई शुक्रवार रात में बुलाकर ले गए थे। अब आरोपियों ने पुलिस को बयान दिया है कि उन्होंने अंकित को बहन के साथ आपत्तिजनक हाल में देखने के बाद उसी के सामने गला दबाकर मार डाला। यदि अंकित की मां का बयान सही है तो अंकित की हत्या साजिश लगती है।

आरोपियों ने साजिश के तहत अंकित को बुलाया और उसकी जान ले ली। यही नहीं, यदि आरोपियों का बयान सही है, तो आपत्तिजनक हाल में देखने पर उन्होंने केवल अंकित की जान ली, बहन को क्यों छोड़ दिया? जबकि ऐसी स्थिति में क्रोध तो दोनों पर आता है। आपा खोने वालों में इतना विवेक कैसे आ सकता है? आरोपी अपने बयान में आमीना की मौत को खुदकुशी बता रहे हैं, जबकि यदि उनका अंकित के बारे में बयान सही है, तो आमिना के बारे में दिए गए बयान से सहमत होना तर्कसंगत नहीं लगता है।
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आरोपियों के अनुसार उन तीनों ने घर में आमिना के सामने अंकित का गला घोंट दिया। शव लेकर जब गन्ने के खेत में फेंकने गए तो आमिना ने खेत में घास जलाने के लिए रखा कीटनाशक पी लिया। पुलिस के मुताबिक उसका पूरा शरीर नीला पड़ गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी आमीना की मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। इससे शक होता है कि आमीना को अंकित से पहले ही जहर देकर मार दिया गया हो? क्योंकि यदि आमीना ने खुदकुशी ही की थी तो उसके शव को रात में ही क्यों दफनाया गया? उसकी मौत को सार्वजनिक अगले दिन क्यों किया गया? उसी समय क्यों नहीं किया गया?

अंकित की मां के बयान से ही पुलिस पहुंची आरोपियों तक
अंकित की मां के बयान की पुष्टि मामले की तफ्तीश कर रहे इंस्पेक्टर रुधौली रामकृष्ण मिश्र के बयान से भी होती है। रामकृष्ण का कहना है कि उन्हें करीब साढ़े चार बजे सूचना मिली कि गन्ने के खेत में युवक का शव मिला है। मौके पर पहुंचने से पहले उसकी पहचान हो चुकी थी।

अंकित की मां ने उन्हें बताया कि गांव के इरशाद का वह ट्रैक्टर चलाता था। उनके बुलाने पर शुक्रवार रात को घर से निकला था। तब से नहीं लौटा। पुलिस इसके बारे में जब गांव वालों से पूछताछ करने लगी तो पता चला कि इरशाद की बहन आमिना का शुक्रवार रात को इंतकाल हो गया था। उसका शव कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया है। यहीं से पुलिस का माथा ठनका और जांच की कड़ी जोड़ती हुई आरोपियों तक पहुंची।
 
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