दुबौलिया। मनोरमा नदी के पिपरौल घाट स्थित पुल पर मंगलवार सुबह महिला की साड़ी और पत्थर से दबा एक पत्र मिलने से हड़कंप मच गया। पत्र में भटहा गांव निवासी पूजा देवी के अपनी तीन माह की बेटी के साथ नदी में कूदने की बात लिखी थी।
सूचना पर पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से मां-बेटी की तलाश शुरू कराई। हालांकि, घटना के करीब दो घंटे बाद महिला ने अपने पिता को फोन कर खुद और बेटी के सुरक्षित होने की जानकारी दी, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह दुबौलिया थाना क्षेत्र के पिपरौल घाट पुल पर एक महिला की साड़ी और पत्र मिला। पत्र में पूजा देवी, पत्नी सुनील, निवासी भटहा के अपनी तीन माह की बेटी के साथ नदी में कूदने की बात लिखी थी। इसकी सूचना मिलते ही कप्तानगंज पुलिस और दुबौलिया के थानाध्यक्ष जीवन त्रिपाठी मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से मां-बेटी की तलाश शुरू कराई। इस दौरान पुल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इसी बीच पूजा ने अपने पिता गंगाराम, निवासी कुड़वा, थाना नगर के मोबाइल पर फोन कर खुद और बेटी के सुरक्षित होने की जानकारी दी। हालांकि, उसने घर लौटने से इन्कार कर फोन काट दिया। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। थानाध्यक्ष जीवन त्रिपाठी ने बताया कि महिला ने अपने पिता और ननद को फोन कर सुरक्षित होने की जानकारी दी है।