बस्ती। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों के चेहरा प्रमाणीकरण में लापरवाही पर जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार शर्मा ने नाराजगी जताई। उन्होंने तीन मुख्य सेविकाओं को नोटिस जारी कर दो दिन में साक्ष्य सहित जवाब मांगा है। दो दिन में पोषण ट्रैकर एप पर प्रगति न होने पर प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी दी है।
जिन तीन मुख्य सेविकाओं को नोटिस दिया गया है, उसमें गौर ब्लॉक की कामिनी और गीता सिंह, दुबौलिया ब्लॉक में रीता राय शामिल हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि पोषण ट्रैकर एप पर लाभार्थियों के चेहरा प्रमाणीकरण में नौ ब्लॉक की बाल विकास परियोजनाएं पिछड़ी हैं। इससे जिले की भी स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। बताया कि बाल विकास परियोजना रामनगर में 83 प्रतिशत, बस्ती सदर 83 प्रतिशत, बनकटी 82 प्रतिशत, सल्टौआ गोपाल 82 प्रतिशत, कप्तानगंज 81 प्रतिशत, बहादुरपुर 81, विक्रमजोत 81 प्रतिशत, गौर 79 प्रतिशत और दुबौलिया में 78 प्रतिशत ही चेहरा प्रमाणीकरण हो पाया है। इन परियोजनाओं के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकरण लाभार्थियों काे लक्ष्य दिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने 10 दिन के भीतर शत-प्रतिशत चेहराण प्रमाणीकरण करके रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया है। डीपीओ ने कहा कि इसमें ढीले परियोजना अधिकारियों को भी चेतावनी दी गई है।
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शहर अव्वल, दुबौलिया निचले पायदान पर
शहरी क्षेत्र का फीडिंग प्रतिशत बेहद अच्छा है और 98 प्रतिशत के साथ टाप पर है। वहीं, फीडिंग स्थिति में सबसे खराब स्थिति दुबौलिया की है जो 78 प्रतिशत के साथ 14 ब्लॉकों में सबसे निचले पायदान पर है। जिले में 2655 आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत दो लाख दो हजार 946 बच्चे तीन से छह साल तक हैं। इसमें से एक लाख 70 हजार 86 बच्चों का पोषण ट्रैकर पर लाभार्थियों का ईकेवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण यानी ओवरऑल 83 प्रतिशत किया जा चुका है। 15 सितंबर तक सौ प्रतिशत फीडिंग करना अनिवार्य है।