एनएफएसएम के तहत पक्के खलिहान निर्माण में मिलीं खामियां
शासन करा रहा है वित्तीय वर्ष 2019-20 के लाभार्थियों की जांच
22 खलिहानों के निर्माण न होने या लीपापोती की हुई पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) के तहत कृषि विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2019-20 किसानों को दिए गए लाभों की जांच हो रही है। कृषि निदेशक के निर्देश पर शासन से आई टीम ने पिछले दिनों जांच की थी। एनएफएसएम के तहत 53 पक्के खलिहान निर्माण की जांच चल रही है। जांच में अभी तक खलिहान निर्माण में तमाम खामियां मिली हैं। कई खलिहानों का निर्माण कराए बिना ही भुगतान ले लिया गया है।
एनएफएसएम के तहत सरकार किसानों को बीज व यंत्रों पर अनुदान देती है। इसके अलावा किसान समूहों को पक्का खलिहान बनाने के लिए 1.70 लाख रुपये की धनराशि देती है। शासनादेश के अनुसार खलिहान सार्वजनिक जमीन पर 10 मीटर चौड़ाई और 20 मीटर लंबाई में बनाए जाने चाहिए, जिस पर संबंधित गांव के किसान फसलों की मढ़ाई कर सकें। 22 समूहों ने निर्माण के नाम पर विभाग से भुगतान ले लिया, लेकिन जांच में निर्माण न होने और अधूरे काम की पुष्टि हुई है। खलिहानों का निर्माण सार्वजनिक जमीन पर न कराकर लाभार्थियों ने अपने दरवाजे पर करा लिया है। कई खलिहानों के निर्माण के नाम पर सिर्फ लीपापोती की गई है। नियमानुसार सभी खलिहानों के निर्माण की जांच और भौतिक सत्यापन किए बिना भुगतान नहीं किया जा सकता। अपर कृषि निदेशक पंकज त्रिपाठी ने बताया कि जांच चल रही है। उसकी विस्तृत रिपोर्ट कृषि निदेशक का सौंपी जाएगी।
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इन समितियों के तहत मिली हैं खामियां
श्री हरि किसान सेवा समिति तेनुआ, गीतांजलि किसान सहायता समूह गोपालपुर, रानी लक्ष्मीबाई कृषक स्वयं सहायता समूह भेलवल, कबीर किसान सेवा समिति रसूलपुर, कृषक स्वयं सहायता समूह भेलवल, जय हिंद समूह औराडीहा, वैष्ण किसान सेवा समिति धौरहरा, अवध समिति पिकौरा सुमाली, आदिशक्ति नगर खास भतरिन्हवाजोत, जय किसान पकड़ी चौहान, मां अंबे अरबापुर, आयुष्मान पिपरा गौतम, जय दुर्गा धौरहरा, शिवा अमरडोभा, आदर्श मसुरिया, श्रीमति दुर्गावती मरहा, प्रमिला भिटिया जालिम सिंह, कांशीराम पिपरा गौतम, कृषक समूह चिलवनिया, जय जवान जय किसान कठौतिया सांवडीह, लक्ष्मी सोधिया पिंडावल, नारी शक्ति कनघुसरा ऊंजी मुस्तकहम आदि इन समितियों के खलिहान निर्माण अधूरे हैं या निर्माण ही नहीं कराया गया है।