श्रमिकों के पंजीकरण में सिद्धार्थनगर प्रदेश में तीसरे स्थान पर
बस्ती चौथे और संतकबीरनगर 15वें पायदान पर, देशभर में मान्य होगा ई-श्रम कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। श्रम विभाग श्रमिकों का पंजीकरण करा रहा है। जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं में लाभ दिया जा सके। इसमें करीब 156 प्रकार के असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को शामिल किया गया है। श्रमिकों का पंजीकरण कराने में सिद्धार्थनगर तीसरा व बस्ती ने प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। वहीं संतकबीर नगर 15 वें पायदान पर है। बस्ती मंडल के तीनों जिलों ने महीनेभर में करीब 3.50 लाख श्रमिकों का पंजीकरण कराया है।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पंजीकरण में सुविधा के लिए सरकार ने ई-श्रम नाम से पोर्टल तैयार किया है। पोर्टल पर श्रमिकों का पंजीकरण किया जा रहा है। श्रमिक स्वयं या सीएससी के माध्यम से निशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं। श्रम अधिकारी विनय दूबे बताते हैं कि 16 से 59 साल के श्रमिक पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के लिए श्रमिकों के पास आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर व आईएफएससी कोड सहित बैंक खाता होना अनिवार्य है। आयकर दाता, ईपीएफ व ईएसआई के लाभार्थी पंजीकरण के लिए पात्र नहीं होंगे। उप श्रम आयुक्त दिव्य प्रताप सिंह ने बताया कि महीने भर में ई-श्रम पोर्टल पर सिद्धार्थनगर में 186254, बस्ती में 102816 व संतकबीरनगर में 63168 श्रमिकों ने पंजीकरण कराया है। बस्ती मंडल को पंजीकरण के मामले में प्रथम स्थान पर लाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किया जा रहा है।
पूरे देश में मान्य होगा ई-श्रम कार्ड
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के बाद श्रमिकों को ई-श्रम कार्ड बन जाएगा। यह कार्ड पूरे देश में मान्य होगा। पंजीकरण के बाद श्रमिक प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के पात्र होंगे। आकस्मिक मृत्यु या स्थायी विकलांगता के मामले में श्रमिक व उनके परिवार को सरकार दो लाख रुपए तक आर्थिक सहायता देगी। आंशिक अपंगता की स्थिति में एक लाख रुपये दिए जाएंगे।
156 प्रकार के श्रमिक करा सकते हैं पंजीकरण
ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित क्षेत्र के 156 प्रकार के श्रमिक पंजीकरण करा सकते हैं। समाचार पत्र वितरक, कृषि, परिधान, ऑटो मोबाइल व परिवहन, सौंदर्य व स्वास्थ्य, निर्माण, घरेलू व गृहस्थ, शिक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स व हार्डवेयर, खाद्य उद्योग, रत्न व आभूषण, हस्तशिल्प व कालीन, खनन, वाद्य यंत्र, तंबाकू, पर्यटन, काष्ठ कला, रेहड़ी-पटरी, घरेलू कामगार आदि क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिक पंजीकरण करा सकते हैं।