बस्ती। कुआनो नदी के उफान ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। नदी का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है। गांवों के रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। वहीं, अमहट घाट की सीढ़ियों के ऊपर पानी पहुंचने से मूर्ति विसर्जन को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
कुआनो नदी का पानी वन विहार तक पहुंच गया है। चारों ओर पानी भरने से आसपास के खेतों में खड़ी धान की फसल डूब गई है। किसानों के मुताबिक, तैयार फसल के जलमग्न होने से उन्हें भारी नुकसान होने की आशंका है। विनोद, रामकृपाल, परमात्मा और संतोष ने बताया कि उनकी धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब चुकी है। उन्होंने फसल के नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
नदी का पानी रास्तों पर भरने से ग्रामीणों की परेशानी भी बढ़ गई है। कई जगह घुटनों तक पानी जमा होने से बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत हो रही है। बाजार आने-जाने में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौर, भानपुर और मूड़घाट क्षेत्र में भी जलभराव से लोग प्रभावित हैं। उधर, अमहट घाट की सीढ़ियों के ऊपर तक पानी पहुंचने से मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
एडीएम ज्ञानचंद्र गुप्ता ने बताया कि कुआनो नदी के जलस्तर की रिपोर्ट मांगी गई है। अमहट घाट पर पानी पहुंचा है लेकिन विसर्जन में असुविधा नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए नगर पालिका की टीम लगाई गई है। मूड़घाट पर भी व्यवस्था दुरुस्त करने का काम चल रहा है। दशहरा के दिन दोनों घाटों पर ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।ि