उन लोगों ने एसपी से शिकायत कर प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की थी। उधर, जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय का कहना था कि विचाराधीन बंदी विजय सोनकर की शनिवार की रात तबीयत बिगड़ी थी। रात में उसे दवा दी गई थी। रविवार की सुबह जेल खुलने के वक्त करीब साढ़े पांच बजे विजय सोनकर की तबीयत फिर से बिगड़ने पर उसे त्वरित इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के दौरान चिकित्सक ने सुबह छह बजकर पांच मिनट पर मृत घोषित कर दिया था। सीएमओ स्तर से गठित चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया।
तफ्तीश में उजागर होगी चोट लगने की वजह
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जेल प्रशासन के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। यह चोट बंदी को कैसे आई, इसकी तफ्तीश की जा रही है। आरोप है कि जेल अधीक्षक की शह पर बंदी रक्षकों ने विजय सोनकर समेत कई बंदियों की पिटाई की थी। जिनमें विजय सोनकर की हालत बिगड़ गई। पिटाई करने वाले बंदियों और पर्यवेक्षण अधिकारियों को मुकदमे में शामिल किया जाएगा।