संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लंबे समय से चला आ रहा पशु तस्करों का तिलिस्म तोड़ना पुलिस के लिए आसान नहीं है। जिले में तीन हाईवे उनके लिए बेहतर विकल्प साबित हो रहे हैं। इसका फायदा आसपास जिलों के तस्कर उठा रहे हैं। बाहरी गिरोह भी आराम से पशुओं को इधर से उधर करने में लगे हैं।
मंगलवार को छावनी की तरह पुलिस कभी-कभार इन पर हाथ डाल पाती है। मगर, अक्सर वे अपने मंसूबे में कामयाब होते दिखते हैं। 15 दिन के भीतर छावनी में दूसरी बार पशु तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। दोनों मामलों में अलग-अलग गिरोह सामने आए।
22 दिसंबर को छावनी टोल प्लाजा के पास पिकअप में लदे चार पशुओं के साथ गोंडा के गिरोह को पकड़ा गया था। पशुओं को शरीफगंज चौराहा मौजा भानपुर थाना तरबगंज जनपद गोंडा से लादा गया था, जिन्हें बिहार भेजने के लिए तस्करों ने हाईवे का रास्ता चुना था।
गिरोह का सरगना फारुख निवासी शेखपुर थाना रौनाही जनपद अयोध्या का है, जो फिलहाल गभौरा थाना उमरी बेगम जिला गोंडा में रहता था। उसके साथ राजेश निवासी परियहवा थाना तरबगंज गोंडा, लक्ष्मन गौतम निवासी लालेपुर थाना उमरी बेगम गोंडा भी था।
मंगलवार को पकड़े गए गिरोह में अयोध्या जनपद के रौनाही थाना क्षेत्र के शेखपुरा निवासी दद्दन, रवि और रौनाही कस्बा निवासी एराज खान शामिल था। इससे पहले कुशीनगर, आजमगढ़, उन्नाव आदि कई जिलों के पशु तस्करों को पुलिस पकड़ चुकी है। इनमें कईयों पर गिरोहबंद अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जा चुकी है। बावजूद इसके तस्करी का धंधा बंद नहीं हुआ।
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