संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। महिला की बच्चेदानी में गांठ के ऑपरेशन के दौरान यूरिन नली काटने के मामले में सच्चाई अभी सामने नहीं आ सकी है। अलबत्ता, शुरुआत में विभागीय जांच पर सवाल उठने के बाद दूसरे डिप्टी सीएमओ को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
नए सिरे से जांच आगे बढ़ी तो आरोपी संचालक की फोटो विभाग के हाथ लगी। फोटो की पहचान पीड़ित पक्ष की ओर से की गई है। इसी के बाद से कार्रवाई आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।
लालगंज क्षेत्र की पंडोहिया चकिया की रहने वाली पीड़िता गुड़िया यादव का आरोप है कि मार्च 2023 गांव के पास पिपराती चौराहा स्थित एक अस्पताल के संचालक ने उनका ऑपरेशन कराया था। इस दौरान उनकी यूरिन नली भी काट दी गई थी। बाद में दो-तीन केस और बिगड़ा तो संचालक ने कुदरहा में नाम बदलकर दूसरा अस्पताल खोल लिया।
आरोप है कि पीड़िता को लंबे समय तक इलाज कराने का भरोसा दिलाकर चुप रखा गया। दो साल तक संचालक की तरफ से कोई पहल न देखकर पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस से की।
यह प्रकरण स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में लाया गया। डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह ने मामले की जांच शुरू की। उन्होंने आरोपी संचालक की वर्तमान में कुदरहा में संचालित अस्पताल की बीएसटी आदि चेक की। इस पर पीड़ित पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ।
पीड़ित के अनुसार ऑपरेशन दो साल पहले दूसरे नाम के अस्पताल में हुआ था, जिसका संचालक वर्तमान में कुदरहा में अस्पताल चलाने वाला ही है।
इसके बाद मामले की जांच डिप्टी सीएमओ डॉ. एके चौधरी को सौंप दी गई है। डॉ. चौधरी ने कुदरहा में नाम बदलकर अस्पताल चाले वाले कथित संचालक का फोटो जरिये मोबाइल मिलान के लिए पीड़िता तक पहुंचाया है।
पीड़िता के बेटे आकाश ने बताया व्हाट्सएप पर भेजे गए कथित अस्पताल संचालक की फोटो की तस्दीक की गई है। संबंधित व्यक्ति वही है जो पहले पिपरपाती में अस्पताल संचालित कर रहा था।
आकाश ने बताया कि जांच अधिकारी ने सत्यता से अवगत होने के बाद कार्रवाई भरोसा दिलाया है। सूत्रों की मानें तो आरोपी संचालक बार-बार बयान बदलकर जांच को उलझा रहा है।