अंतरजनपदीय गिरोह की महिला गिरफ्तार
50 लाख 80 हजार के धोखाधड़ी में नामजद है दीप्ति
बस्ती। साइबर फ्राड के अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़ी दीप्ति उर्फ भारती को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रायबरेली जिले के डलमऊ थानाक्षेत्र के पखरौली गांव निवासी दीप्ति का नाम दिसंबर-2018 में सरस्वती विद्या मंदिर रामबाग के खाते से 50 लाख 80 हजार रुपये के धोखाधड़ी करने के केस में प्रकाश में आया था, जिसमें महाराष्ट्र, लखनऊ व राजस्थान के बैंक खाते में पूरी रकम ट्रांसफर की गई थी। न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी होने पर बस्ती पुलिस ने उसे रविवार रात को उसके गांव से गिरफ्तार किया।
आरोप है कि इसी महिला ने सरस्वती विद्यालय के बैैंक एकाउंट में दर्ज मोबाइल नंबर का नया सिम लेकर अपने नाम से रि-एक्टीवेट करा लिया था। इसके बाद नौ दिसंबर से 15 दिसंबर-2018 के बीच उसी सिम के जरिए अपने मोबाइल फोन पर आठ बार ओटीपी मंगाया और एकाउंट से 50 लाख 80 हजार रुपये निकाल लिए। 15 दिसंबर को कार्यालय प्रभारी को जब इसकी जानकारी हुई तो खलबली मच गई। जिले में सबसे बड़े साइबर क्राइम की इस घटना के पर्दाफाश का पुलिस पर खासा दबाव पड़ा। नतीजन दो जनवरी-2019 को अंतरजनपदीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया और गिरोह के तीन गुर्गे पकड़ लिए गए। इनमें मोहम्म्द गुलजार निवासी रायपुर थाना कैंट जिला अयोध्या, रंजीत कुमार गुप्ता निवासी आवास विकास कॉलोनी, कटरा, थाना कोतवाली बस्ती और दशरथ रामबिंद उर्फ दिनेश निवासी पहाड़ीपुर थाना मुहम्मदाबाद जनपद गाजीपुर शामिल थे। उनके कब्जे से उस समय पांच लाख 77 हजार रुपये और तमाम फर्जी सिमकार्ड, आईडी, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, कार आदि बरामद किए गए। तत्कालीन एसपी दिलीप कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया था कि यूपी के अलावा दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित अन्य प्रदेशों में भी इनके साथी सक्रिय हैं। कोतवाल राम्रपाल यादव ने बताया कि धोखाधड़ी के इस केस में महिला काफी अहम भूमिका निभा चुकी है। अब तक इस मामले में कुल नौ आरोपित पकड़े जा चुके हैं।