अभिलेखों के पेच में फंसी संविदाकर्मियों के स्थानांतरण की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। स्वास्थ्य विभाग के खेल निराले हैं। तभी तो संविदा पर तैनात 92 कर्मियों का स्थानांतरण कर दिया गया। डीएम के निर्देश पर इस मामले की सीडीओ ने जांच शुरू की और अभिलेख तलब किया लेकिन 15 दिन बाद भी स्वास्थ्य विभाग संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने में नाकाम रहा है। सीडीओ ने अभिलेख के लिए विभाग को रिमाइंडर भेजा है।
स्वास्थ्य कार्यक्रमों के सुचारु क्रियान्वयन के लिए शासन के निर्देश पर संविदाकर्मियों की तैनाती की गई है। इन कर्मियों को उनके घर के पास रखने तथा स्थानांतरण न करने का प्रावधान है, क्योंकि उनके लिए आवास व यात्रा भत्ता अनुमन्य नहीं है। कम मानदेय पर तैनात इन संविदाकर्मियों पर तत्कालीन सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने स्थानांतरण कर दिया। 29 जून 2019 को उन्होंने स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया। निर्देश था कि स्थानांतरण के बाद तत्काल तैनाती स्थल पर जाएं अन्यथा सेवा समाप्ति के लिए शासन को संस्तुति भेज दी जाएगी। तत्कालीन सीएमओ के इस निर्देश के बाद संविदाकर्मियों ने अपनी नौकरी बचाने के चक्कर में प्रक्रिया का पालन कर लिया। उधर, इस स्थानांतरण को लेकर तत्कालीन सीएमओ सवालों के घेरे में आ गए। मामला जब डीएम माला श्रीवास्तव की संज्ञान में आया तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय को जांच सौंप दी। जांच के क्रम में सीडीओ ने स्वास्थ्य विभाग से शासनादेश सहित अन्य अभिलेख तलब किए, मगर पंद्रह दिन से अधिक समय बीत गया और स्वास्थ्य विभाग सीडीओ को अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सका है। इसके चलते जांच में बाधा आ गई है। स्थानांतरित संविदाकर्मियों का आरोप है कि स्थानांतरण कर उनका शोषण किया जा रहा है। कम मानदेय पर वे घर से चालीस से पचास किमी दूरी पर नौकरी करने जाते हैं। न तो उन्हें स्वास्थ्य विभाग ने आवास दिया है और न इसका भत्ता ही मिलता है।
सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए विभाग के अधिकारियों से शासनादेश व अन्य अभिलेख तलब किए गए हैं, मगर अब तक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसके चलते जांच प्रक्रिया बाधित हो गई है। विभाग को अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए रिमाइंडर भेजा गया है। सोमवार को सारे अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।