बस्ती। होली पर्व बीतने के बाद अब लोग महानगरों की ओर वापसी करने लगे हैं। मगर, हाईवे से ही डग्गेमार वाहनों के सवारियां उठा लेने से रोडवेज बसों को पर्याप्त सवारी नहीं मिल पा रही हैं। इससे आमदनी प्रभावित हुई है। इसको लेकर निगम के अधिकारी चिंतित हैं।
बताया गया कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार सवारियां कम निकलने से आय पर संकट है। निगम के अनुसार, पिछले साल होली बीतने के बाद 20 से 25 लाख रुपये की आमदनी रोजाना होती थी, इस बार घटकर आधा यानी की 10 से 12 लाख हो गया है। जबकि दिल्ली, कानपुर और लखनऊ रूट के लिए नियमित रोडवेज बस संचालित हैं, बावजूद इसके कम सवारी होने से बसों की इनकम डाउन है। होली पर्व मनाने के बाद प्रवासी लोग अपने रोजगार वाले स्थान पर लौटने लगे हैं। शनिवार को रोडवेज परिसर में दिल्ली, कानपुर, लखनऊ के यात्रियों के लिए अतिरिक्त बसें लगाई गईं थीं, मगर कम सवारी के चलते सिर्फ तीन बसें ही दिल्ली जा सकीं।
एआरएम आयुष भटनागर ने बताया कि होली मनाकर बाहर जाने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए दिल्ली, कानपुर व लखनऊ रूट पर ज्यादा बसों का संचालन किया जा रहा है। हालांकि, आपेक्षा के अनुसार, सवारी कम हैं। बताया कि डग्गामार वाहनों के चलते अधिकांश सवारी को हाईवे से उठा ले रहे हैं। इससे बसों में यात्रियों की संख्या कम हुई है। इस पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग से समन्वय बनाया जाएगा। नौ मार्च तक होली स्पेशल सेवा जारी रहेगी। इसके लिए 66 बसें लगी हुई हैं। कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि योजना लागू है। लोकल रूट पर भी अनुबंधित बस सेवा जारी है।
कोट
अनाधिकृत रूप से राष्ट्रीयकृत मार्गों पर संचालित डग्गामार वाहनों के चलते परेशानी हो रही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए जल्द ही कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा।
आयुष भटनागर, एआरएम, बस्ती डिपो