बस्ती। मोबाइल पर आई एक अज्ञात वीडियो कॉल अब सिर्फ असहज अनुभव नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक तबाही का खतरा भी बन चुकी है। दुबौलिया थाना क्षेत्र के पायकपुर गांव निवासी आयुष श्रीवास्तव के साथ जो हुआ, वह जिले में फैलते वीडियो कॉल ब्लैकमेलिंग ट्रेंड की बानगी भर है।
युवक ने जैसे ही वीडियो कॉल रिसीव किया, कुछ ही सेकंड में ठगों ने उसकी स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली, उसका चेहरा अश्लील वीडियो से जोड़ दिया और फिर शुरू हुआ डराने, धमकाने और वसूली का सिलसिला। बदनामी के भय में युवक ने पुलिस नहीं, बल्कि ठगों की बात मानी और 1.11 लाख रुपये गंवा दिए।
आयुष के अनुसार, करीब 15 दिन पहले एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल उसके पास आई। कॉल उठाते ही दूसरी तरफ एक युवती निर्वस्त्र अवस्था में दिखी। वह कुछ समझ पाता, उससे पहले कॉल कट गई। कुछ ही मिनटों बाद उसके मोबाइल पर उसी वीडियो का स्क्रीनशॉट और एक आपत्तिजनक क्लिप भेज दी गई। क्लिप में उसका चेहरा अश्लील वीडियो के साथ जोड़ दिया गया था। इसके बाद ठगों ने धमकी दी कि वीडियो सोशल मीडिया व यू-ट्यूब पर वायरल कर दी जाएगी। पीड़ित ने कहा कि डर और लोक-लाज के दबाव में उसने ठगों की मांग मान ली। पहले वीडियो डिलीट करने के नाम पर रुपये लिए गए। फिर कहा गया कि वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड हो चुकी है, उसे हटाने के लिए और रकम देनी होगी। इसके बाद पुलिस से मामला “सेट” कराने की बात कहकर अलग से रुपये ऐंठे गए। एक बार रुपये जाने के बाद ब्लैकमेलिंग और तेज होती चली गई।
यह अकेला मामला नहीं है। नवंबर 2025 में जिले की एक शादीशुदा महिला भी इसी साइबर जाल में फंस चुकी है। महिला के मोबाइल पर अजनबी नंबर से वीडियो कॉल आई। कॉल रिसीव करने पर कुछ असहज लगा और तुरंत उसने फोन काट दिया। उसे लगा कि खतरा टल गया, मगर कुछ समय बाद उसके मोबाइल पर फर्जी अश्लील वीडियो, फोटो और मैसेज आने लगे। ठगों ने महिला की तस्वीरों का इस्तेमाल कर अश्लील कंटेंट तैयार किया और रुपये मांगने लगे।