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मंहगाई मार से मकान बनवाने का लगा झटका

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महंगाई की मार से आशियाना निर्माण को लगा झटका
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बस्ती। मकान बनवाने के लिए सामग्रियों के दाम में हुई बेतहाशा वृद्धि से आम नागरिकों के मकान बनवाने के सपनों पर झटका लगा है। पिछले कुछ दिनों के अंदर जहां सरिया के दाम में भारी वृद्धि हुई है, वहीं गिट्टी, मोरंग व सीमेंट के दामों ने आम नागरिक बेहाल हो गया है, जो लोग मकान बनवाने की सोच रहे उनकी चिंता बढ़ गई है।
एक ओर जहां डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं वहीं, भवन निर्माण सामग्री के दाम में भी काफी उछाल आ गया है। जो लोग मकान बनवाने के लिए सोच रहे थे, अब उसे टालना मुनासिब समझ रहे हैं। पिछले कुछ महीने में भवन निर्माण सामग्री के दामों में तेजी से उछाल आया है। इससे पक्के मकान बनवाने का सपना संजोए लोगों को तगड़ा झटका लगा है। सरिया, गिट्टी, मौरंग व सीमेंट के दाम में बेेतहाशा वृद्धि ने घर बनवाने का बजट बिगाड़ दिया। लिहाजा घर बनवाने की तैयारी में जुटे लोग काम शुरू करवाने से कतरा रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में डीजल के दाम में कोई ज्यादा इजाफा नहीं हुआ लेकिन, मनमाने तरीके से भवन सामग्रियों के दाम में भारी बढ़ोत्तरी कर दिया गया। सबसे ज्यादा महंगाई सरिया में है। गौरतलब है कि आरसीसी से बनने वाले घरों में सबसे ज्यादा प्रयोग सरिया का होता है।
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जहां चार सूत की सामान्य कंपनी की सरिया एक माह पहले 55 से 57 सौ रुपये प्रति क्विंटल बिक रही थी अब 7800 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। वहीं, ब्रांडेड कंपनी की नौ हजार रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर बिक रही है। एक माह पहले मोरंग के दाम जहां 65 से 70 रुपये फीट थे, वहीं मौजूदा समय में 80 से 85 रुपये मे बिक रहा है। छत की ढलाई की गिट्टी में 10 से 15 फिट की वृद्धि हो गई। अलग-अलग कंपनियों की सीमेंट के दामों में 10 से 15 रुपये की वृद्धि हो गई है। भवन सामग्री के दाम बढ़ने के कारण मकान बनवाने वाले लोगों को झटका लगा है।
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महंगाई ने बिगाड़ दिया बजट
मकान बनाने का ठेका करने वाले त्रिपुरारी उपाध्याय खासे परेशान हैं। उन्होंने बताया कि छह माह पहले भवन निर्माण का कार्य शुरू कर दिए थे। पुराने दाम के अनुसार उन्होंने बजट बनाया था, लेकिन, मौजूदा समय के रेट में पूरा बजट बिगाड़ दिया है। करीब एक से डेढ़ लाख रुपये अतिरिक्त खर्च बढ़ जाएगा। इसी तरह रोडवेज के पास बब्लू निषाद ने भी भवन सामग्रियों के दाम में हुई बढ़ोत्तरी से परेशान हैं। कहा कि भवन निर्माण शुरू कराने के लिए लगभग आठ लाख रुपये का बजट बनाया था परंतु सामग्रियों के दामों में हुई वृद्धि से डेढ़ से दो लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है।
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