-22 वर्ष बाद भी नहीं सुधरी अस्पताल की दशा, दो माह से चिकित्सक का पद रिक्त
- फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा अस्पताल, 30 गांव के लगभग 20000 की आबादी के इलाज का जिम्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
घोसियारी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घोसियारी में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। दो माह से चिकित्सक की तैनाती नहीं है, जिससे 20 हजार की आबादी के इलाज का जिम्मा फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। इसलिए गंभीर रूप से बीमार मरीजों को खेसरहा और बांसी चीएचसी से 15-18 किलोमीटर दूरी तय करके जाना पड़ता है। इसके साथ ही अस्पताल में मरीज व तीमारदारों के लिए पेयजल की व्यवस्था नहीं है। यहां लगी पानी की टंकी भी बेमतलब साबित हो रही है।
बांसी तहसील के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घोसियारी पर 20 हजार की आबादी के इलाज की जिम्मेदारी है। 22 वर्ष पूर्व यहां अस्पताल बनवाया गया, जिससे क्षेत्रीय लोगों में इसका लाभ मिल सके, लेकिन अस्पताल में तैनात चिकित्सक का लगभग दो माह पूर्व स्थानांतरण होने के कारण मरीजों के इलाज का जिम्मा फार्मासिस्ट पर आ गया है। अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट नूरुल हसन का कहना है कि 35 से 40 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इस समय उल्टी-दस्त बुखार चर्म रोग के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। गंभीर मरीजों को अन्य अस्पताल पर रेफर कर दिया जाता है।
क्षेत्र के लोगों को चिकित्सक न होने से बस्ती सिद्धार्थनगर इलाज के लिए जाना पड़ रहा है। इलाज के लिए रुपए के साथ इधर-उधर भटकना पड़ रहा, और महंगा इलाज कराना उनकी मजबूरी बन चुका है। बूढी घोसियारी निवासी किस मणि त्रिपाठी का कहना है कि क्षेत्र में बने अस्पताल पर चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से यह अस्पताल बेमतलब साबित हो रहा है। इलाज के लिए रुपये के साथ इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
रिउना निवासी बबुना देवी का कहना है कि अस्पताल बनने के बाद से ही यहां हमेशा चिकित्सकों का अकाल था। चिकित्सक आने से गांव के लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। विभाग को यहां तुरंत चिकित्सक उपलब्ध कराना चाहिए।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. आरके चौरसिया ने बताया कि मामला संज्ञान में चिकित्सक की तैनाती के लिए कार्रवाई की जाएगी।