बस्ती। होमवर्क पूरा नहीं होने की वजह से आठवीं की छात्रा ने स्कूल के रास्ते में खुद को अगवा किए जाने की कोशिश की कहानी गढ़ दी। बृहस्पतिवार को वह बादशाह टॉकीज के पास बेहोश मिली थी। उसका कहना था कि कुछ लोगों ने उसे अगवा करने की कोशिश में बेहोश किया था। सरेराह छात्रा को अगवा किए जाने की कोशिश का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। शुक्रवार को पुलिस की पूछताछ में असली कहानी सामने आ गई।
बादशाह टॉकीज के पास रहने वाले कृष्ण कुमार पाल की बेटी कक्षा आठ में पढ़ती है। बृहस्पतिवार की सुबह वह घर से स्कूल के लिए निकली थी। जब वह स्कूल बस तक नहीं पहुंची तो चालक ने छात्रा की मां को फोन किया और पूछा कि क्या उनकी बेटी स्कूल नहीं जाएगी। बेटी के घर से निकलने के बाद स्कूल बस तक न पहुंचने की जानकारी के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। खोजबीन शुरू हुई तो छात्रा पास की एक गली में बेहोशी की हालत में मिली। परिवार के लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था।
होश में आने पर छात्रा ने अपनी मां को बताया था कि वह स्कूल बस पकड़ने के लिए घर से निकली थी, रौता चौराहे के पास पीछे से किसी महिला ने उसे आवाज देकर बुलाया था। छात्रा का कहना था कि पीछे मुड़ते ही महिला ने उसे कुछ सुंघा दिया जिससे वह अचेत हो गई थी। तीन-चार लोगों ने उसे उठाकर ले जाने की कोशिश की थी लेकिन शायद इसी बीच कुछ लोगों के आ जाने से छोड़कर भाग गए थे। दिनदहाड़े छात्रा के अपहरण की कोशिश का मामला सामने आने के बाद पुलिस टीम ने शुक्रवार को दिनभर रौता चौराहे के पास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले लेकिन किसी कैमरे का कोई ऐसा फुटेज नहीं दिखा जिससे अपहरण की कोशिश की पुष्टि हो सके।
आसपास के दुकानदारों ने भी पूछताछ में ऐसी वारदात की जानकारी से इन्कार कर दिया। कोतवाल दिनेश चंद्र चौधरी ने बताया कि छात्रा को सीसीटीवी फुटेज में कैद उसके बेहोश होने का ड्रामा दिखाया गया तो उसने हकीकत बयां कर दी।
छात्रा ने पुलिस को बताया कि होमवर्क पूरा नहीं होने की वजह से वह स्कूल जाने में डर रही थी इसीलिए रास्ते में अगवा किए जाने की कोशिश की कहानी गढ़ी थी। इस बारे में छात्रा और परिवार के लोगों से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया।