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बारिश ने खोली सफाई की पोल

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न्याय मार्ग पर भरा बारिश का पानी। - फोटो : amar ujala
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बस्ती। नगर पालिका ने इस बार शहर को जल भराव से बचाने के लिए करीब पांच लाख रुपये नाला सफाई पर खर्च किए। इसके अलावा हर दिन वार्डवार सफाई भी होती है। इस सफाई की पोल मानसून की पहली बारिश ने खोल दी है। हालांकि, कई मोहल्लों में तो देर तक लेकिन कुछेक स्थानों पर थोड़ी देर बार पानी सरक गया और स्थिति पूर्व की भांति ही हो गई। 
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इस बार पालिका ने शहर में बारिश का पानी जमा न हो इसके लिए खूब कवायद की थी। बीस सफाई कर्मियों की टीम लखनऊ से बुलाई गई, जो शहर के मालवीय मार्ग सहित गांधी नगर, पुरानी बस्ती व बड़े नालों की सफाई में पूरी ताकत लगा दी। इसके अलावा पालिका ने बड़े नालों में बहाव के लिए रुकावट बने पेड़ व सिल्ट तथा गंदगी को रात में अभियान चलाकर साफ कर दिया। 15 जून से बरसात का आगाज हो इससे पहले पालिका ने सफाई का अभियान पूरा कर लिया, मगर मानसून की पहली बारिश मंगलवार की देर रात से बुधवार की सुबह पांच बजे तक हुई तो सफाई की कलई खुल गई। शहर के मालवीय मार्ग पर जहां लैबुडवा रोड पर घरों के सामने नाली का पानी ओवरफ्लो हो गया, वहीं, बभनगांवा, बैरिहवां, आवास विकास कालोनी के विभिन्न क्षेत्र उद्योग विभाग पुरानी बस्ती के मुख्य मार्ग की पटरियों पर वाटर लॉगिंग हो गई। मालवीय मार्ग तो आधी सड़क घंटों पानी में डूबी रही। धूप निकलने के बार यह पानी धीरे-धीरे सरक गया।  
आवास विकास कालोनी निवासी रविंद्र पांडेय कहते हैं कि कालोनी में पानी न लगे यह संभव नहीं है। क्योंकि जो हालत है उसमें बारिश होने के बाद वाटर लॉगिंग हो जाता है। लोग इसी में आते-जाते हैं। पालिका का प्रयास यहां नाकाफी साबित हो रहा है। 
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मालवीय मार्ग निवासी श्वेता कहती हैं कि सफाई अभियान केवल कागजों में होता है। घर के सामने नाला ओवरफ्लो है तो बिजली कालोनी की नाली जाम होने के कारण पानी आंगन तक पहुंच गया है। इससे घर में रहना मुश्किल है। पालिका केवल औपचारिकता निभाकर अपना काम चला रही है। 
शहर के ब्लॉक रोड निवासी राकेश कुमार कहते हैं कि ब्लॉक से लेकर आवास तक जहां पानी एकत्रित हुआ वहीं गली में तो अब तक वाटर लॉगिंग है। इसके चलते रात में जरूरी होने पर ही घर से बाहर आया जाया जा सकता है। सुबह किसी तरह दुकान पहुंचे।  
इसी मुहल्ले की आरती कहती हैं कि पालिका ने नाला नालियां समय रहते साफ जरूर कराई, मगर केवल औपचारिकता निभाई गई। नालों की सिल्ट ऊपर से ही हटाई गई। ऐसे में बरसात होने पर पानी गली की सड़क पर जमा हो जा रहा है। 
नगर पालिका परिषद के ईओ डॉ. मणि भूषण त्रिपाठी ने कहा कि अभी तक कहीं से वाटर लॉगिंग की सूचना नहीं मिली है। टीम को अलर्ट कर दिया गया है। वैसे अभी छिटपुट बारिश के चलते यह स्थिति पैदा नहीं होगी, मगर जब तेज बारिश होने लगेगी तो वाटर लॉगिंग की समस्या आ सकती है, जिसे तत्काल दूर कराया जाएगा।
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