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Basti News: दिल के मरीजों की लंबी कतार...चार साल से डाॅक्टर का इंतजार

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जिला अस्पताल में ओपीडी के बाहर चिकित्सीय परामर्श के लिए खड़े मरीज संवाद
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बस्ती। जिले की आबादी बढ़ने के साथ ही हृदय रोगियों की भी संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन जिला अस्पताल में हृदय रोग विभाग को एक डॉक्टर तक नहीं मिल सका है।
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हालांकि अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ का एक पद स्वीकृत है, जो पिछले करीब दो दशक से खाली पड़ा है। हृदय रोग विशेषज्ञ के न होने से हृदय रोगी गोरखपुर, लखनऊ या निजी चिकित्सकों के पास जाने को मजबूर हैं।
बता दें कि बस्ती में पहले 125 बेड के जिला अस्पताल की स्थापना हुई थी। उसके बाद संख्या बढ़ाकर तीन सौ कर दिए। तब चिकित्सकों के 23 पद स्वीकृत किए गए थे, लेकिन बाद में आवश्यकतानुसार पद की संख्या बढ़कर 49 कर दिए। अभी तक यह पद भरे नहीं गए। वर्तमान में सिर्फ 37 डॉक्टर कार्यरत हैं। जिला अस्पताल का दर्जा मिला लेकिन हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से मरीज परेशान होते हैं।
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बताया गया कि इसमें एक है कार्डियोलॉजिस्ट का पद यानि हृदय रोग विशेषज्ञ। अभी सर्दी का मौसम है तो बुजुर्गों के बीमार होने की ज्यादा आशंका रहती है, लेकिन जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ के न होने से उपचार नहीं मिलेगा, यह तो तय है। इसलिए हार्ट अटैक के रोगी जिला अस्पताल आने से बचें। वहीं, मेडिकल कॉलेज बस्ती में भी कार्डियोलॉजिस्ट नहीं हैं। मेडिकल कॉलेज बस्ती के असिस्टेंट प्रोफेसर मेडिसिन विभाग डाॅ. बीएल कन्नौजिया ने कहा कि हृदयाघात में हर मिनट मरीज के लिए महत्वपूर्ण होता है।
ऐसे में जैसे ही किसी के नाभी के ऊपरी हिस्से में दर्द शुरू हो तत्काल एस्प्रीन और सब्रीट्रेट दे दें। इसके बाद तत्काल चिकित्सक के पास मरीज को ले जाएं। वहीं, शासन की ओर से जिला अस्पताल में हृदयाघात होने पर मरीजों को इंजेक्शन और बेड सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन, अभी तक यहां इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया है।
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