सुविधाओं को दुरुस्त रखने के लिए सैर करने वालों से लेते हैं पांच रुपये प्रतिदिन शुल्क
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। क्षेत्रीय औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में बने ओपन एयर जिम में कम सुविधाओं की वजह से लोगों की रुझान कम हो रही है। पांच रुपये प्रतिदिन वसूलने के बावजूद सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। बताया जा रहा है कि चार-पांच लाख रुपये खाते में एकत्र हो गए हैं। मगर, उचित पहल न होने के कारण काम रुका हुआ है।
सवा दो किमी लंबा वाकिंग-जॉगिंग ट्रैक भी जगह-जगह टूट गया है। कसरत करने के उपकरण कम होने से लोगों का मन इस ओपेन जिम से टूट रहा है। 12 एकड़ में फैले परिसर को ईको पार्क की तरह विकसित किए जाने के लिए 2018 में तत्कालीन डीएम डाॅ. राजशेखर ने पहल की थी। हालांकि, पहले से ही परिसर फलदार वृक्षों से आच्छादित है, फिर भी उसमें औषधीय पौधों का पार्क बनाए जाने की योजना थी। इसमें तमाम हर्बल पौधों के अलावा मसालों का भी मिश्रण होगा।
ऑक्सीजोन में फलदार, छायादार और अधिक मात्रा में ऑक्सीजन उत्सर्जित करने वाले विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगवाए जाने थे, ताकि लोग प्रकृति के सानिध्य का एहसास कर सकें। उस समय उद्यान विभाग के परिसर में 2.2 किमी का ट्रैक बनाया गया था, जिस पर लोग सुबह टहल कर सेहत बना सकें। वहां की सुखद आबोहवा के कारण काफी संख्या में लोग पहुंचने लगे थे।
वरिष्ठ अधिवक्ता मनमोहन श्रीवास्तव काजू बताते हैं कि पूर्व सांसद की पहल पर यहां ओपन एयर जिम बनाया गया था। इससे वहां की लोकप्रियता और भी बढ़ गई थी। रख-रखाव के लिए सौ रुपये मासिक या पांच रुपये प्रतिदिन के हिसाब से शुल्क लिए जाने की व्यवस्था बनाई गई थी। इसके संचालन के लिए कमेटी बनाई गई थी। मगर, कमेटी की बैठक नहीं हो पाई। इससे सुविधाओं का रख-रखाव ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है।
संजय सिंह, अनिल दुबे, रवि श्रीवास्तव आदि चाहते हैं कि फिट इंडिया का सपना साकार करने के लिए शुरू की गई इस पहल को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाया जाए, ताकि नागरिकों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़े और शहरियों को इसका फायदा मिल सके।