गांव दांग खुर्द में सरसों की फसल पर जमा पाला।
भिवानी। पहाड़ों में बर्फबारी के बाद से ठंडी हवाएं चल रही हैं। इसकी वजह से रात के समय तापमान छह डिग्री से भी नीचे पहुंच रहा है। वहीं अधिकतम तापमान भी 19 डिग्री के आसपास ही टिका रहता है। ऐसे में खेतों में भी पाला जमने लगा है।
हालांकि, सूखी ठंड फसलों के लिए भी नुकसानदायक है। ऐसे में कृषि विशेषज्ञ भी किसानों को फसलों की सिंचाई का सुझाव दे रहे हैं। हालांकि, अभी मौसम भी विषमता भरा बना हुआ है। ऐसे मौसम में बीमारियों का संक्रमण और फसलों में भी नुकसान की संभावना अधिक रहती है।
शीत लहर ने मौसम में ठिठुरन बढ़ा दी है। शाम के समय तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। ऐसे में खेतों के अंदर फसलों पर भी पाला जमने लगा है। हालांकि सूखी ठंड की वजह से लोग भी ठिठुर रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के बागवानी विस्तार विशेषज्ञ डॉ. मुरारीलाल ने बताया कि ज्यादा तापमान गिरने से खासकर बागवानी और सब्जियों की फसलों में नुकसान की संभावना बनी रहती है। फसलों को पाले से बचाने के लिए किसानों को खास प्रबंध करने होंगे और हल्की सिंचाई की व्यवस्था भी करनी होगी।
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