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Basti News: गैस की किल्लत से इंडक्शन चूल्हा की मांग...इलेक्ट्राॅनिक सामान के कारोबार में उछाल

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फौव्वारा तिहरा ​स्थित शो-रूम से इंडक्शन की खरीदारी करते ग्राहक संवाद
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बस्ती। रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बन गई है। सिलिंडर मिलने में देरी और ब्लैक में महंगे दामों पर बिक्री की चर्चाओं के बीच अब लोग इंडक्शन चूल्हों की ओर रुख करने लगे हैं।
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शहर के बाजारों में बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर इन दिनों इंडक्शन चूल्हों के बारे में जानकारी लेने और खरीदारी करने वालों की भीड़ देखी जा रही है। महिलाओं का कहना है कि गैस सिलिंडर की आपूर्ति नियमित न होने और बुकिंग के बाद भी समय पर सिलिंडर न मिलने से परेशानी बढ़ रही है। ऐसे में कई परिवार खाना बनाने के लिए इंडक्शन चूल्हों को वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में अपना रहे हैं।
यही नहीं होटल, रेस्टोरेंट के साथ अन्य लोग भी इसका प्रयोग शुरू कर दिए हैं। वहीं, बाजार में कम बिजली खपत वाले इंडक्शन चूल्हों की मांग भी बढ़ गई है। गांधीनगर बाजार में इलेक्ट्रॉनिक दुकानदारों ने इंडक्शन चूल्हों का स्टॉक रख लिया है। यहां खरीदारी करते लोग दिखे।
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पांडेय बाजार बर्तन विक्रेता अमन कुमार ने बताया कि बताया कि उनके यहां 700 से पांच हजार रुपये तक के इंडक्शन चूल्हे उपलब्ध हैं। इनमें लोकल और ब्रांडेड दोनों प्रकार के उत्पाद शामिल हैं लेकिन अधिकतर ग्राहक ब्रांडेड इंडक्शन चूल्हों की मांग कर रहे हैं।
मंगल बाजार के संजय अग्रहरि ने बताया कि पहले महीने में कुछ ही इंडक्शन चूल्हे बिकते थे लेकिन अब बिक्री बढ़ गई। राकेश गुप्ता ने बताया कि गैस सिलिंडर की आपूर्ति को लेकर लोगों में चिंता है इसलिए कई परिवार एहतियात के तौर पर इंडक्शन चूल्हा खरीद रहे हैं।
चंदन अग्रवाल ने कहा कि ग्राहकों की बढ़ती मांग को देखते हुए दुकानों में अलग-अलग कंपनियों के इंडक्शन चूल्हे मंगवाए जा रहे हैं और कम बिजली खपत वाले मॉडल ज्यादा बिक रहे हैं। अमित ने बताया कि गैस सिलिंडर समय पर नहीं मिल रहा है, इसलिए इंडक्शन चूल्हा लेकर आया और काम चला रहे हैं।
सुनीता चौधरी ने कहा कि बुकिंग के बाद भी कई दिन तक सिलिंडर नहीं मिल रहा है इसलिए बाजार से इंडक्शन चूल्हा लेकर आ गई हैं। संदीप ने बताया कि अगर गैस समय पर न मिले तो घर में परेशानी हो जाती है इसलिए इंडक्शन चूल्हा रखना जरूरी लग रहा है। गनेशपुर के महेंद्र ने बताया कि बाजार में सिलिंडर महंगा मिलने की चर्चा है इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन चूल्हा खरीदने का विचार कर रहे हैं।
बीडीए कार्यालय के सामने स्थित शो-रूम प्रोप्राइटर अभिषेक गुप्ता ने बताया सामान्य दिनों की आपेक्षा इन दिनों इंडक्शन चूल्हा की मांग बढ़ी है। इससे कारोबार में उछाल आया है। वहीं, तमाम लोग लकड़ी वाला चूल्हा भी बनवा लिए हैं। उसी पर खाना पकाना शुरू कर दिए हैं।
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