बस्ती। कोडीनयुक्त कफ सिरप के धंधे का प्रकरण अब पुलिस की जांच पर टिकी है। इस मामले में अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है। मामले के खुलासे के लिए गठित एसआईटी डेढ़ महीने से तह तक पहुंचने की जद्दोजहद में है।
मगर, बोगस फर्म गणपति फार्मा का मास्टर माइंड पुलिस को हर मोड़ पर चकमा दे रहा है। उसे पकड़ने के लिए बस्ती से लेकर बनारस तक पुलिस ने जाल बिछाया। उसके संभावित ठिकानों पर कई बार छापा भी मारा, पर वह हत्थे नहीं चढ़ा।
पुलिस का कहना है कि फर्जी नाम-पते पर संचालित गणपति फार्मा के असल किरदार का काफी सुराग मिल चुका है। दावा है कि बहुत जल्द वह गिरफ्त में भी आ सकता है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर गठित एसआईटी सक्रिय बताई जा रही है, मगर कुछ बताने से पुलिस परहेज कर रही है।
पुलिस की हर गोपनीय चाल का पता गणपति फार्मा के संचालक को लग जा रहा है, इसीलिए पुलिस को हर मोड़ पर वह चकमा देने में कामयाब है। पुलिस मामले में बहुत कुछ उजागर करने के बाद भी खुलासे की स्थिति में नहीं है।
इधर, एफआईआर में शामिल दूसरी फर्म गोयल फार्मा के मालिक की तरफ से पुलिस को खरीद-फरोख्त का विवरण उपलब्ध करा दिया गया है। पुलिस इस फर्म से संबंधित पिछले दो साल का डाटा खंगाल रही है। इसमें पुलिस विभागीय लेखाकार, तकनीकी सहायकों की भी मदद ले रही है।
पुलिस का कहना है कि गोयल फार्मा के पिछले एक-दो साल के खरीद-फरोख्त के डाटा का मिलान कराया जा रहा है। इसमें कोडीन युक्त सिरप की आपूर्ति किन थोक फर्मों से हुई है और किन रिटेलर फर्मों को इसकी आपूर्ति की गई है इसकी तस्दीक अंतिम चरण में है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित फर्म से कोडीन युक्त सिरप की खरीद-फरोख्त कितनी बार और कब से हुई है। उसकी अनुमानित मूल्य और मात्रा का भी आंकलन किया जा रहा है। पुलिस इस रिपोर्ट को अपने जांच में शामिल भी करेगी। पुलिस के इस सघन जांच में गोयल फार्मा पर भी संकट मंडराने लगा है।