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बदरेआलम हत्याकांड के 10 आरोपितों पर गैंगस्टर

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बदरे आलम हत्याकांड के 10 पर गैंगस्टर
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सगे भाई ने सुपारी देकर कराई थी हत्या, सभी लोग गिरफ्तार
तीन अप्रैल को मुंडेरवा के कठिनइया नदी में मिली थी लाश
लालगंज थाने के पसड़ा बाजार का निवासी था बदरे आलम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लालगंज थाने के पसड़ा के बहुचर्चित बदरे आलम हत्याकांड के 10 आरोपितों पर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि संपत्ति बेचने की जिद पर अड़े 24 वर्षीय बदरे आलम की उसके भाई ने सुपारी देकर दो अप्रैल की रात हत्या करवाई थी। जिसकी तीन अप्रैल को चरवाहों ने मुंडेरवा थानाक्षेत्र के कठिनइया नदी में उतराया हुआ शव देखकर शोर मचाया था। बाद में जिस भाई ने हत्या की साजिश की, उसी ने मुंडेरवा थाने पहुंचकर शव की शिनाख्त की थी। एसपी ने बताया कि हत्याकांड में आरोपी रुदल प्रसाद चौहान, सूरज चौहान निवासी शिवबखरी थाना महुली जनपद संतकबीरनगर, मनोज चौहान, उस्मान अंसारी, गुड्डू अंसारी उर्फ सई मोहम्मद, मोनू चौहान निवासी उंचहरा कला थाना दुधारा संतकबीरनगर, बस्ती लालगंज थाने के पसड़ा बानपुर निवासी सरवर आलम, अब्दुल, पंकज चौधरी और रमेश चौहान शामिल पाए गए थे। सभी को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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इस तरह बनी थी हत्या की योजना
पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि बदरे आलम नशे का आदी था और वह नशे में अक्सर अपने हिस्से की संपत्ति बेचने को लेकर घर में बवाल करता था। आजिज आकर उसके भाई सरवर आलम ने अपने रिश्तेदार अब्दुल करीम, रूदल चौहान निवासी शिव बखरी थाना महुली और मनोज चौहान निवासी ऊंचहर कला थाना दुधारा संतकबीरनगर के अलावा बाकी छह लोगों को साथ मिलाकर बदरे आलम की हत्या की योजना बनाई। इसमें रूदल और मनोज को 25-25 हजार रुपये और बाकी छह को 15-15 हजार रुपये देने की बात तय हुई। योजना के मुताबिक सुपारी देने वाले सरवर आलम और अब्दुल करीम ने दो अप्रैल को अपनी बोलेरो भेजकर सभी हत्यारोपियों को क्षेत्र के टेमी चौराहे पर बुलाया। सभी लोग बोलेरो में सवार होकर बदरे आलम के घर पहुंचे, जहां वह बरामदे में लाइट बंद करके सोया था। सबने मिलकर बदरे आलम का हाथ-पैर गमछे से बांधकर गाड़ी में लाद लिया। मुंह में कपड़ा ठूस दिया, ताकि शोर न मचा सके। बोलेरो में ही गमछे से गला कसकर हत्या कर दी और शव को जमुनहा पुल के ऊपर से कठिनइया नदी में फेंक दिया था। एसपी ने बताया कि आसपास मिले सीसीटीवी फुटेज में सरवर आलम की बोलेरो दिख गई थी, जिसके एक के बाद एक कड़ियां जुड़ती चली गईं।
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