फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एफएसटीपी की खाद और पानी से लहलहाएंगे खेत

विज्ञापन
विज्ञापन
एफएसटीपी की खाद और पानी से लहलहाएंगे खेत
विज्ञापन

2020 से शुरू है प्लांट का निर्माण, खर्च हो रहा है 4.43 करोड़
अब इधर-उधर नहीं फेंकी जाएगी शहर के शौचालयों की गंदगी
जल निगम करवा रहा फेकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अब शहर के शौचालयों से निकली गंदगी इधर-उधर नहीं फेंकी जाएगी। कारण यह कि पालिका प्रशासन शहरी क्षेत्र के अमहट किनारे स्थित चांदमारी के निकट एफएसटीपी (फेकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण करा रहा है। 4.43 करोड़ रुपये से स्थापित होने वाला प्लांट अक्तूबर में तैयार हो जाएगा। कार्यदायी संस्था जल निगम इसका निर्माण करा रहा है।
विज्ञापन

शहर में पहला एफएसटीपी (फेकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) चालू हो जाएगा। इससे शहर के शौचालयों की गंदगी का बेहतर निस्तारण होने लगेगा। इस गंदगी को फिल्टर कर जो खाद तैयार होगी, उसका किसान खेतों में प्रयोग कर सकेंगे और पानी से सिंचाई कर अपनी फसलों को लहलहाएंगे। अभी तक नगर पालिका के बहुत ही पुराने संसाधनों के जरिए निजी व सार्वजनिक शौचालयों से गंदगी निकाल कर शहर से दूर वीरान जगहों व नदियोें के किनारे निस्तारित किया जाता है। इससे पर्यावरण प्रदूषण फैलता है। आसपास के लोग बीमार भी हो जाते हैं। नगर पालिका प्रशासन ने जलनिगम के जरिए तकरीबन तीन साल पहले 2018 में बस्ती में एफएसटीपी मतलब मल-कीचड़ उपचार संयंत्र स्थापित करने के लिए 4.43 करोड़ रुपये का एस्टीमेट शासन को भेजा था लेकिन जमीन न मिल पाने के कारण कुछ खास प्रगति नहीं हो पाई थी। जब जमीन मिली तो 2020 में कुआनो नदी के किनारे अमहट घाट के पास इसका निर्माण शुरू किया जा सका है। अवर अभियंता सुशील आनंद सिंह ने कहा कि कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करवा दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि अक्तूबर में यह पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। इससे जिले को पहले एफएसटीपी की सौगात मिल जाएगी।
विज्ञापन

कोट
एफएसटीपी को जल्द ही पूरा करवाकर संचालित करवा दिया जाएगा। इसके लिए अभियंताओं व टेक्निकल मैन की टीम पूरे मनोयोग से लगी हुई है।
- रेहान फारुकी, अधिशासी अभियंता, जलनिगम, नगरीय खंड बस्ती।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें