बस्ती। जिले में पंपिंग सेट के नाम पर अधिक से अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर किसानों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। विभाग ने किसानों को सजग किया है। ऐसे मामले रोजाना ब्लॉकों और मुख्यालय पर विभागीय अधिकारियों तक पहुंच रहे हैं। जिसके बाद विभाग में खलबली जैसी स्थिति है।
जालसाज किसानों को यह कहकर उनको झांसा में ले रहे कि उनका नाम निशुल्क बोरिंग योजना में चयनित है। पंपिंग सेट के नाम पर उन्हें 10 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। किसान से पंपिंग सेट खरीद रसीद और नलकूप पाइप आदि की रसीद मंगवा रहे। इसके बाद आधार, मोबाइल नंबर, फिर खाता नंबर मांगकर ओटीपी के जरिये शिकार बना रहे हैं। ऐसे तमाम किसान जब शिकार बने तो विभाग में पहुंचे। इसके बाद मामला खुला।
बताया गया कि कप्तानगंज, बहादुरपुर और कुदरहा ब्लॉक में सर्वाधिक खेल किए जा रहे हैं। सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग इं. गरिमा द्विवेदी ने बताया कि कृषकों ने लघु सिंचाई विभाग के पोर्टल पर निशुल्क बोरिंग योजना के तहत पंपिंग सेट आदि के लिए आवेदन किए हैं। पंपिंग सेट के लिए कृषकों के चयन एवं टोकन कंफर्म करने की ऑनलाइन व्यवस्था है। यह पूरी तरह से पारदर्शी है। टोकन कंफर्म करने के बाद विभाग के पोर्टल पर किसानों के पंजीकृत मोबाइल फोन नंबर पर विभाग की तरफ से मैसेज जाता है।
इसके बाद कृषकों की ओर से चालान जनरेट करने के बाद ही ऑनलाइन/ऑफलाइन धनराशि जमा की जाती है। कुछ फर्जी संस्थाओं व व्यक्तियों की ओर से कृषकों को फोन किया जा रहा है अथवा लघु सिंचाई विभाग के संदेश के समतुल्य संदेश भेजा जा रहा है।