बस्ती। जिले में सर्पदंश से बचाव के लिए चार डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया गया है। अब यह डॉक्टर 50 और डॉक्टरों को प्रशिक्षित करेंगे। ये डॉक्टर सर्पदंश के बाद क्या-क्या तरीके अपनाए जाने चाहिए इसके बारे में जानकारी देंगे। बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने प्रशिक्षित चारों डॉक्टरों को विशेष टिप्स दिए।
प्रदेश सरकार ने सर्पदंश के मामलों को दैवी आपदा में शामिल कर लिया है। इसके लिए मृतक आश्रितों को चार लाख की धनराशि दी जाती है। जिले में लगातार सर्पदंश के आंकड़ों में वृद्धि हो रही है। गर्मी के बाद जब बारिश का मौसम आता है, तो खरीफ की फसलों की खेती शुरू हो जाती है। बारिश होने पर सर्प मैदान और खेत से निकलकर ऐसे स्थानों पर छिप जाते हैं, जहां पर पानी से बचाव हो सके। फिर वहां से गुजरने वाले लोगों से खतरा महसूस कर उन्हें डस लेते हैं। सांप के डसने पर लोग अस्पताल न जाकर अंधविश्वास में आकर पहले झाड़-फूंक कराने लगते हैं।
सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने कहा कि सर्पदंश होने पर किसी भी तरह के अंधविश्वास में न पड़ें, सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम लगवाएं। उन्होंने बताया कि सांप के दांत के नीचे विष की थैली होती है, जब सांप डसता है, तो विष लोगों के शरीर में चला जाता है। यह विष खून के माध्यम से पूरे शरीर में फैल जाता है। इससे पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत आती है। समय से इलाज न मिलने पर जान भी जा सकती है। इससे प्रेरित करने और अस्पताल पहुंचे पीड़ितों का उपचार तत्काल कैसे करें, इसके लिए डॉ. आशुतोष शर्मा, डॉ. अहमद फरदीन, डॉ. विनोद कुमार और डॉ. आरके सिंह को प्रशिक्षित के लिए भेजा गया था। अब वह 50 डॉक्टरों को प्रशिक्षित करेंगे। इस बारे में उन्हें जानकारी दी गई।