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कबीर हत्याकांड: शह-मात के खेल में पड़ी गैंगवार की नींव

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शह-मात के खेल में पड़ी गैंगवार की नींव
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बस्ती। छात्रनेता कबीर तिवारी की हत्या ने साबित कर दिया है कि जिले में गैंगवार की नींव पुलिस प्रशासन की नाकामी का नतीजा है। प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त या कब्जेदारी भले ही वजह बनी हो, लेकिन पुलिस अधिकारियों को बखूबी पता था कि शह-मात के खेल की आड़ में गैंगवार की नींव पड़ चुकी है।
21 जून को तत्कालीन एसपी पंकज कुमार ने पत्रकार वार्ता में जिन 40 मनबढ़ों को शहर में महीनों से अशांत करने के लिए चिह्नित करने का खुलासा किया था, उनमें से कई हत्याकांड से जुड़े पाए गए। एसपी 18 जून को गांधीनगर स्थित एपीएन पीजी कॉलेज के सामने तुरकहिया निवासी प्रॉपर्टी डीलर अनित शुक्ल पर दिनदहाड़े गोली चलाने की घटना का वर्कआउट कर रहे थे। उस वक्त एसपी पंकज कुमार (तत्कालीन) ने कोर्ट तिराहे पर फायरिंग, अमहट के पास नाबालिग बालिका को जबरन अपहरण आदि घटनाओं का जिक्र करते हुए दावा किया था कि शहर का अमन-चैन बिगाड़ने वालों को चुन-चुनकर सबक सिखाया जाएगा। मगर रात गई और बात गई। उस घटना में मुख्य आरोपी हनुुमानदास सहित अन्य को जेल भेजने के बाद कोतवाली पुलिस फिर पुराने ढर्रे पर आकर शह-मात के खेल में मशगूल हो गई।
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इशारे पर खुलती थी जीडी
हत्याकांड की तफ्तीश में खुल रही परतें पुलिस की नाकामी की नई-नई तस्वीर दिखा रही है। एक वर्ष के भीतर कई मौकों पर देखा गया कि कोतवाली पुलिस की जीडी कथित आका के इशारे पर ही खुलती रही। खासकर छात्र नेताओं की मनबढ़ई, दबंगई जैसे मामलों में एक तरफा कार्रवाई के आरोप लगते रहे। कहा जाता है कि एक पक्षीय कार्रवाई के कारण दूसरे पक्ष का असंतोष व कानून के प्रति नफरत बढ़ती गई।
अगला टारगेट भोला
शूटर और साजिशकर्ता को कानून के शिकंजे में भेजकर पुलिस अब आलाकत्ल यानी हत्या में प्रयुक्त तीनों तमंचे मुहैया कराने वाले भोला गुप्ता पर रडार मोड़ दिया है। अवैध असलहों का धंधा करने वाले इस शख्स के करीबियों को पुलिस चिह्नित करने में जुटी है। उसके जरिए बाकी किरदारों की भूमिका का पुलिस पता लगाएगी।
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सुबूत मिला तो बचेगा कोई नहीं
एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि पुलिस कबीर हत्याकांड की तह तक पहुंच चुकी है। अब यह असमंजस नहीं है कि कैसे क्या हुआ। अब जैसे-जैसे सुबूत मिलते जाएंगे, उसके हिसाब से गिरफ्तारी की जाती रहेगी। इसके अलावा पुलिस अवैध धंधा करने वालों को अलग से निपटने की रणनीति पर काम कर रही है।
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