बस्ती। रुधौली थाना क्षेत्र के बस्ती-बांसी टू-लेन मार्ग पर दमया से विशुनपुरवा के बीच का क्षेत्र काफी संवेदनशील बन गया है। यहां छह माह के भीतर पांच सौ मीटर की दूरी में दो अज्ञात शव बरामद हुए। दाेनों शव की शिनाख्त करने में पुलिस नाकाम रही। जून 2025 में बरामद लावारिश शव के पहचान के लिए डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं दो दिन पहले सात जनवरी को विशुनपुरवा चौकी से महज 20 मीटर की दूरी पर पुलिया के नीचे दूसरी बार एक अज्ञात शव बरामद हुआ। फोरेंसिक टीम की जांच पड़ताल में 15 दिन पुरानी लाश होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
रुधौली थाना क्षेत्र के विशुनपुरवा और दसिया चौराहे के बीच लगभग चार सौ एकड़ के इस भूभाग की पहचान दमया ताल के रूप में की जाती रही है। बताया जाता है कि चार से पांच दशक पहले यह ताल घोड़ों को खूब भाता था। मगर अब किस्सा बदल हो गया है। अब यहां अक्सर संदिग्ध लाश बरामद होने लगी हैं। जबकि विशुनपुरवा चौराहा विस्तार लेकर कस्बे का रूप ले लिया है। दसिया पड़ाव भी बाजार, पेट्रोल पंप और फैक्टरियों से गुलजार हो रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से विशुनपुरवा में पुलिस चौकी की स्थापना हो चुकी है।
हलचल बढ़ने के बीच अब रुधौली थाना के विशुनपुरवा चौकी का यह क्षेत्र अपराध का गढ़ बन गया है। जून 2025 को विशुनपुरवा चौकी से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित पुलिया के नीचे अज्ञात युवक का पुराना शव बरामद हुआ था। हालत देखने के बाद कयास लगाया गया कि हत्या करके शव यहां फेंका गया है। बदबू उठने के बाद कुछ ग्रामीण पुलिया के नजदीक गए तो इसका पता चल सका। शव का शिनाख्त अभी तक नहीं हो सका।
जबकि थाना क्षेत्र के एक गांव के एक परिवार ने मृतक की हुलिया जानने के बाद उसे अपने परिवार के सदस्य होने की आशंका जताई थी। इस संदेह पर पुलिस ने परिवार के लोगों से शव के डीएनए टेस्ट कराने का दावा किया। अभी तक डीएन रिपोर्ट का पुलिस को इंतजार है। अभी इस मामले का पटाक्षेप हुआ भी नहीं इधर दो दिन पहले सात जनवरी विशुनपुरवा पुलिस चौकी से महज 20 मीटर बगल स्थित पुलिया के पास पानी और जलकुंभी के बीच से सड़ी हुआ एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ है।
दोनों घटनाओं में कई समान स्थितियां पाई गई हैं। मगर पुलिस के पास भी कोई सटीक जवाब नहीं है। इन घटनाओं को पुलिस इत्तेफाक बता रही है तो स्थानीय नागरिक इस चौकी क्षेत्र को अपराध का सुरक्षित जोन बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस ठीक से गश्त करती या वास्तविक अपराधियाें पर नजर रखती तो इस तरह के मामले सामने नहीं आते। चौकी प्रभारी विशुनपुरवा जयविंद यादव कहते हैं कि उनके चौकी क्षेत्र में यह दूसरी अज्ञात लाश मिली है। जिनके शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं थानाध्यक्ष रुधौली संजय दुबे का कहना है कि दो दिन पहले बरामद शव के साथ मिले काले रंग के लोअर सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रदेश के सभी जिलों में दर्ज गुमशुदा लोगों के विवरण से मिलान कराकर शव के शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। शव का डीएनए भी सुरक्षित रखा जाएगा। वहीं छह महीने पहले बरामद शव की पहचान का दावा एक परिवार ने किया था। जिसकी पुष्टि के लिए परिवार का सैंपल लेकर शव के डीएनए से मैच कराने के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
गुमशुदा अंगद का भी पता नहीं लगा पाई पुलिस
रुधौली थाना के विशुनपुरवा चौकी क्षेत्र के मुनियांव गांव से डेढ़ साल पहले लापता अंगद का भी सुराग नहीं पता चल सका है। उसके गुमशुदुगी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस शांत बैठ गई। जबकि परिजनों के अनुसार अंगद के साथ किसी अनहोनी की आशंका अक्सर जताई जा रही है। वह बगल के गांव वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के धौरहरा निवासी जामवंत का दोस्त भी था। पिछले साल जामवंत की हत्या करके शव जलाने का मामला सामने आया था। पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराया तो जामवंत के शव की तस्दीक नहीं हुई। तभी से मामला उलझा हुआ है।