कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने लोगों को सताया
बस्ती। धूप नहीं निकली और घना कोहरा छाया रहा। वहीं, सर्द हवाओं ने मंगलवार को जनपदवासियों को ठिठुरने मजबूर कर दिया। जिले में अधिकतम 18 डिग्री और न्यूनतम पारा सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। घने कोहरे की वजह से सड़कों पर लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित रहा। मौसम का बिगड़ा मिजाज देख हर किसी ने बाहर निकलने से परहेज किया। बेजुबानों की चहलकदमी भी न के बराबर रही। पशु-पक्षियों में भी ठंड का अहसास देखा गया। सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। जरूरी कार्यों से ही लोग घरों से बाहर निकले। अगले कुछ दिनों तक इसी तरह मौसम का अनुमान है जिससे तापमान औसत से चार-पांच डिग्री नीचे लुढ़क सकता है। वहीं, धूप कम होने से फसलों पर विपरीत असर पड़ सकता है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र के मुताबिक उत्तर- पश्चिमी हवाओं के कारण गलन में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि बुधवार को हवा की गति कम होगी और हल्के बादल देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान ठंड से तो कुछ राहत मिलेगी, लेकिन बदल के कारण धूप कम हो सकती है।
ठंड से जनजीवन प्रभावित
ठंड के असर से आम जनजीवन काफी प्रभावित रहा। रोजमर्रा के काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं। अलाव का माकूल इंतजाम न होने से पटरी दुकानदारों, यात्रियों, रिक्शा चालकों को ठिठुरते देखा गया। सर्दी से बचने के लिए ऊनी कपड़े पहनकर बाहर निकले लोग भी ठंड से परेशान दिखे। रात के वक्त गांधीनगर, पुरानी बस्ती, मंगल बाजार आदि व्यावसायिक इलाकों में चहल-पहल कम देखी गई। कड़ाके की सर्दी में राहगीरों व दोपहिया वाहन चालकों की मुसीबत बढ़ गई है। देर शाम बाइक चलाते समय गलन के कारण हाथ सुन्न पड़ गए। नेहरू तिराहा, रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित सार्वजनिक स्थलों पर गरीब व बेसहारा लोग ठंड से ठिठुरते नजर आए।
ठंड कर रही बीमार, खानपान पर विशेष ध्यान दें डायबिटीज के मरीज
बस्ती। हड्डी कंपा देने वाली ठंड लोगों को बीमार भी कर रही है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी का कहना है कि तापमान में तेजी से गिरावट के कारण शरीर को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। कोहरा और ठंड दिल के रोगियों के लिए सबसे खतरनाक है। जब भी रजाई या गर्म बिस्तर से बाहर निकलना हो तो बाहरी तापमान से संतुलन बनाकर निकलें। जहां तक संभव हो मार्निंग वॉक से परहेज करें। यदि आवश्यक हो तो शरीर के हर अंग को गर्म कपड़ों में लपेट कर देर से निकलें। कुहरे और धुएं से यथासंभव दूर रहें। इससे सांस लेने में तकलीफ होती है और ब्रांकाइटिस नामक बीमारी घेर लेती है। डायबिटीज के मरीजों को खानपान में विशेष ध्यान देना चाहिए। डॉक्टर के संपर्क में रहकर शुगर लेवल की जांच कराएं। जरा सी लापरवाही से हार्ट व ब्रेन अटैक का खतरा बन सकता है।
ब्लोअर व रूम हीटर की बढ़ी मांग, कारोबार में उछाल
बढ़ती ठंड में गर्मी लाने वाले उपकरणों का बाजार गर्म हो गया है। रूम हीटर, ब्लोअर, हैलोजन हीटर और इमरसन राड के ग्राहकों की मांग काफी बढ़ गई है। ब्रांडेड उपकरणों के बजाय लोकल कंपनियों के उपकरणों की मांग भी बढ़ी है। लेकिन सबसे अधिक हैलोजन हीटर की मांग है। उसके लिए पहले से आर्डर देना पड़ रहा है। हालत यह है कि अधिकतर घरों में रूम हीटर का प्रयोग किया जा रहा है। वहीं ऐसे भी लोग हैं, जो कमरे में गर्मी में बनाए रखने के लिए हैलोजन हीटर और ब्लोअर का प्रयोग कर रहे हैं। नहाने के लिए गर्म पानी करनेवाले राड की मांग बढ़ी है।
ऐसे में विद्युत उपकरणों के कारोबार में उछाल आ गया है। इलेक्ट्रिक उपकरणों के व्यवसायी आशुतोष ने बताया कि इस समय सर्वाधिक मांग हैलोजन हीटर और ब्लोअर की है। तीन राड वाले हैलोजन हीटर की मांग इस कदर है कि उसे हम लोग उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। यही हालत ब्लोअर की भी है। ब्रांडेड आइटम का मूल्य अधिक होने के कारण अधिकतर लोग लोकल कंपनियों के रूम हीटर, ब्लोअर की मांग कर रहे हैं। आवास विकास कालोनी निवासी विवेक कुमार श्रीवास्तव कहते हैं कि हड्डी कंपा देने वाली इस ठंड में रूम हीटर, हैलोजन हीटर और ब्लोअर की उपयोगिता बढ़ी है। घर में बुजुर्गों और बीमारों के लिए यह बहुत जरूरी हो गया है।