गैर इरादतन हत्या में पांच को पांच-पांच साल की सजा
बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय मुकेश कुमार सिंह की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दोषी करार देते हुए सगे भाइयों सहित पांच को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक पर 12500 रुपये अर्थदंड लगाया है। अदा न करने पर सजा के एक चौथाई अतिरिक्त कारावास भुगतनी पड़ेगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) राजेंद्र प्रसाद यादव ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि रुधौली थाने के बहेरा माफी निवासी देवेंद्र गिरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके अनुसार 23 जुलाई-2007 को 11 बजे दिन में उसका भाई चंद्र प्रकाश गिरी ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर रहे थे। कीचड़ के चलते ट्रैक्टर फंस गया। निकालते समय ट्रैक्टर भोला गिरी के खेत में चला गया। इस पर भोला उनके लड़के राजमन और व्यास, वीरेंद्र, शिवशंकर, विजयपाल, रंजीत, हीरा, राकेश एवं चंद्रशेखर एक राय होकर गाली देते हुए लाठी-डंडे से वहां मौजूद उनके वादी के मौसा जगन्नाथ और भाई चंद्रप्रकाश को मारा-पीटा। इससे गंभीर चोटें लगीं। सभी को रुधौली पीएचसी ले जाया गया। जहां से बस्ती सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। जगन्नाथ की गंभीर हाल को देखकर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेज दिया गया। हालत बिगड़ने पर 31 जुलाई को लखनऊ ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर छह पर आरोप पत्र दाखिल किया गया। अभियोजन की तरफ से 11 गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष ने रंजिशन फंसाए जाने की बात कही। मुकदमे के दौरान एक आरोपी भोला गिरी की मौत हो गई। गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने राजमन, व्यास, शिवशंकर, राकेश और वीरेंद्र को उक्त सजा सुनाई।