बस्ती। शहर के बहुचर्चित लेने-देन के मामले में भाजपा नेता व एक स्कूल के प्रबंध अनूप खरे और उनके भतीजे दिव्यांशु खरे के खिलाफ 47 लाख रुपये बकाए के आरोप में सदर कोतवाली में शुक्रवार को एफआईआर दर्ज हुआ है।
जानकारी के अनुसार अनूप खरे नगर पालिका परिषद के चुनाव में भाजपा के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी भी रह चुके हैं। यह कार्रवाई उनके रिश्तेदार कोतवाली क्षेत्र के बेलवाडाड़ी मोहल्ला निवासी नमन श्रीवास्तव की तहरीर पर पुलिस ने की है।
तहरीर में नमन ने बताया कि अनूप खरे उनकी पत्नी शिवांगी श्रीवास्तव के सगे मामा हैं। रिश्तेदार होने के नाते अनूप खरे और उनके भतीजे दिव्यांशु से उनका व्यापारिक लेनदेन काफी दिनों से चल रहा था। नमन ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता और उनके भतीजे ने एमएलसी चुनाव के दौरान सरकारी टेंडर दिलाने व इलाज आदि का बहाना बनाकर उनसे वर्ष 2023-24 में दो करोड़ 28 लाख 14 हजार रुपये खाते में मंगवा लिए। यह रकम नमन ने अपनी, पत्नी, ससुर आनंद श्रीवास्तव और दोस्त अनुराग कुमार पाल के बैंक खातों से आरोपी चाचा-भतीजे के खाते में भेजी थी।
बाद में उन्हें एक करोड़ 81 लाख 11 हजार चार सौ 98 रुपये की वापसी हुई, जबकि 47 लाख रुपये उन्हें वापस नहीं किए गए। 24 अक्तूबर 2025 को पुलिस की जांच के दौरान चाचा-भतीजे ने 47 लाख रुपये बकाया को स्वीकार करते हुए लिखित समझौता किया था। भाजपा नेता और उनके भतीजे विभिन्न तिथियों के पांच एडवांस चेक भी दिए थे, मगर ये चेक बाउंस हो गए। भाजपा नेता की तरफ से समझौते के बाद सिर्फ दो लाख 15 हजार रुपये का ही भुगतान किया।
कोतवाल दिनेश चंद्र चौधरी का कहना है कि मामला पुराना है। दोनों पक्ष में समझौता भी हो गया था, मगर भुगतान न होने की स्थिति में आरोपी चाचा-भतीजे के खिलाफ आर्थिक अपराध की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। यह प्रकरण सोशल मीडिया पर काफी दिनों से वायरल हो रहा था। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी