विक्रमजोत। विक्रमजोत क्षेत्र में सरयू नदी की कटान के चलते किसानों के खेत बह रहे हैं और फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसान लगातार अपनी गाढ़ी कमाई को नदी में बहता देख परेशान हैं।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के बलराम की माने तो शुक्रवार को सरयू नदी का जलस्तर दिन में करीब तीन बजे 90.240 मीटर रिकाॅर्ड किया गया जो कि चेतावनी बिंदु 91.730 और खतरे के निशान 92.730 मीटर से अभी काफी नीचे है। इधर, नदी का बढ़ा जलस्तर किनारे बसे गांवों की खेती योग्य जमीनों को धारा में मिलाकर रेत में बदल रहा है।
विकास क्षेत्र के रानीपुर कठवनियां गांव में बृहस्पतिवार को शुरू हुई कटान से शुक्रवार तक करीब बीस बीघा सब्जी व जायद की फसलें को बर्बाद कर चुकी हैं।
गांव के राम शंकर यादव, जगदंबा यादव, राम सुभावन, जगन्नाथ यादव, निहाल भारती, रामदेव, पप्पू मिश्रा, ननकन पांडेय, कमलेश्वरी पांडेय, रवि पांडेय, धर्मराज भारती, सूर्यभान सहित किसानों की परवर, लौकी, तरोई, मक्का सहित सब्जियों की फसल नदी में समा गयी।
ग्रामीणों की माने तो लोलपुर विक्रमजोत तटबंध से करीब 20 मीटर की दूरी पर हो रही कटान से एक ओर जहां उनकी खेती तबाह हो रही है, वहीं तटबंध के लिए भी नदी की कटान खतरा बनी हुई है बताया कि यदि इतनी ही तेज कटान होती रही और इसे रोकने के लिए कारगर उपाय नहीं किया गया तो खेती और तटबंध के साथ-साथ गांव भी इसकी जद में आ सकते हैं।
जेई बाढ़ खंड अतुल कुमार ने बताया कि कटान स्थल का निरीक्षण किया जा रहा है। जल्द ही रोकथाम के लिए ठोस उपाय किए जाएंगे।