- आधार, खतौनी जमा करने के एक- दो दिन बाद समितियों से मिल पा रही खाद
- निजी विक्रेताओं के यहां यूरिया ड्राई घोषित, बंद रह रही खाद की प्राइवेट दुकानें
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। खाद की किल्लत अभी बरकरार है। वास्तविक किसान यूरिया के लिए भटकने को मजबूर हैं। सीजन के इस ऐन मौके पर थोड़ा बहुत उम्मीद सहकारी समितियों से ही बन पा रही है। यहां भी दो से तीन दिन तक धक्का-मुक्की व लाइन लगाने के बाद सफलता मिल पा रही है। वहीं निजी क्षेत्र के अधिकतर रिटेलर ने खाद वितरण से हाथ खड़े कर दिए हैं। उनके यहां 15 दिनों से यूरिया ड्राई घोषित है। इससे किसानों की भीड़ समितियों पर जुट रही है।
जिले में खरीफ फसलों की खेती एक लाख 55 हजार हेक्टेयर भूमि में की जाती है। जबकि गन्ने की खेती 64 हजार हेक्टेयर भूमि में हो रही है। इसके लिए वर्ष 2025 में बस्ती जिले में जुलाई और अगस्त के उर्वरक वितरण का 45879 एमटी लक्ष्य निर्धारित है। लेकिन, यहां 24 जुलाई तक 38297 एमटी खाद की खपत हो गई। कुल 12819 एमटी यूरिया खाद की अधिक खपत हुई।
बावजूद इसके वास्तविक किसान इससे वंचित रह गए। मामले के उच्चस्तरीय जांच में वितरण में धांधली पाई गई। पता चला कि समिति और निजी खाद भंडार दोनों जगहों से मनमाने ढंग से कुछ किसानों के नाम जरूरत से अधिक खाद का आवंटन दिखाया गया है। इसी के बाद हंगामा खड़ा हो गया है। अब जरूरतमंद किसान यूरिया खाद के लिए निकले तो समितियों पर लंबी लाइन लग रही है। वहीं निजी क्षेत्र के रिटेलर यूरिया ड्राई बताकर दुकान ही बंद कर दी है। किसी तरह समितियों पर दो से तीन दिन के अंतर पर खाद का वितरण सुनिश्चित हो पा रहा है।
जिले में अभी तक 35 हजार एमटी से अधिक खाद बंट चुकी है। बावजूद इसके खाद के लिए किसानों की लंबी लाइन लग रही है। किसानों का कहना है कि यदि एक सप्ताह इसी तरह खाद नहीं मिली तो उनकी खेती प्रभावित होने लगेगी। कलवारी क्षेत्र के किसान राम उग्रह ने बताया कि एक तरफ सरयू नदी के तटवर्ती निचली सतह की जमीनों पर फसल डूबने से बर्बाद हो रही है, वहीं ऊंचाई वाले खेत की फसल खाद न मिलने के कारण विकसित नहीं हो पा रही है। किसान इन दिनों दोहरी मार झेल रहा है।
एआर कोऑपरेटिव आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि खाद की नई रैक आ चुकी है। जिसे समितियों पर सीधे पहुंचाने के लिए 33 गाड़ियां लगाई गई हैं। कुल 33 समितियों पर खाद भिजवाई जा रही है।
-
केवल जमा हुआ कागजात, खाद मिलेगी अगले दिन
कलवारी। रामजानकी मार्ग पर स्थित बहादुरपुर ब्लाॅक क्षेत्र के कृभको कृषक सेवा केंद्र कलवारी पर खाद आने की सूचना पर मंगलवार को क्षेत्रीय किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। किसानों की आवाजाही पूरे दिन बनी रही। लेकिन, वितरण नहीं शुरू हो पाया। केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने किसानों से आधार, खतौनी जैसे कागजात केवल जमा कराए। बताया गया कि खाद का वितरण अगले दिन किया जाएगा। केंद्र प्रभारी शिवम गुप्ता ने बताया कि 780 बोरी यूरिया खाद यहां पहुंची है। इसकी अनलोडिंग शाम तक हो पाएगी। बुधवार को इसका वितरण हो पाएगा। उन्होंने बताया कि इस केंद्र से 3000 बोरी यूरिया का वितरण किया जा चुका है। संवाद
-
तीन दिन बाद मिल रही यूरिया
विक्रमजोत विकास क्षेत्र में समितियों पर और निजी क्षेत्र की दुकानों पर यूरिया की कमी बनी है। किसानों को महंगी दर पर यूरिया खरीदनी पड़ रही है। कोऑपरेटिव समितियों पर तीसरे दिन यूरिया का वितरण कराया जा रहा है। एडीओ कोऑपरेटिव राजीव लोचन पाठक ने बताया कि हमारी समितियों में यूरिया का वितरण कराया जा रहा है। समिति पर हर तीसरे दिन भेजी गई डिमांड पर खाद उपलब्ध हो जा रही है, जिसे किसानों को मुहैया कराया जा रहा है।
खाद की नई रैक आ चुकी है। नर्वदा बायो ब्रांड की 650 और चंबल फर्टिलाइजर की 765 एमटी खाद का रैक आया है। इसमें से निजी क्षेत्र के रिटेलरों को 442 एमटी खाद भेजी जा रही है। जबकि सहकारिता समितियों को 1415 एमटी खाद आवंटित की गई है। एक दो दिन में रिटेलरों के यहां भी खाद मिलने लगेगी।
-डॉ. बाबूराम मौर्य, जिला कृषि अधिकारी।