बस्ती/ नगर बाजार। कृषि सूचना तंत्र योजनांतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र बंजरिया में शुक्रवार को जनपद स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी-2025-26 एवं जनपद स्तरीय मिलेट्स मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। सीडीओ सार्थक अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल रहे। दोनों अतिथियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर तथा दीप प्रज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया।
पराली जलाने के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता के लिए प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अतिथियों ने मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और किसानों को उपलब्ध कृषि तकनीकों व योजनाओं की जानकारी ली। मुख्य अतिथि ने किसानों को प्राकृतिक खेती व पशुपालन अपनाने की सलाह दी। मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने किसानों से फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराने की अपील की।
कृषि विज्ञान केन्द्र के अध्यक्ष डाॅ. पीके मिश्रा, वैज्ञानिक डाॅ. वीबी सिंह, डाॅ. आरबी सिंह, डाॅ. प्रेमशंकर, तथा अन्य विशेषज्ञों ने किसानों को रबी फसल उत्पादन व मोटे अनाज की खेती पर वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रदान किया। डाॅ. वीबी सिंह ने मोटे अनाज की खेती बढ़ाने पर बल दिया। वहीं डाॅ. आरबी सिंह ने खेत की मिट्टी जांच कराने पर जोर दिया। उप कृषि निदेशक अशोक कुमार गौतम ने कहा कि जिले में खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता है। जनपद में 130 कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) कार्यरत हैं जो किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
जिला कृषि अधिकारी डाॅ. बाबूराम मौर्या ने बताया कि जिले में 1.70 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की खेती होती है, जिसमें 1.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बोआई होती है। डीबीडब्ल्यू-187 व डीबीडब्ल्यू-303 की प्रजातियां किसानों के लिए उपलब्ध हैं। जिले में 7,500 मीट्रिक टन यूरिया, 7,000 मीट्रिक टन डीएपी वितरित की जा चुकी है और 5,000 मीट्रिक टन खाद स्टॉक में उपलब्ध है।
हरैया विधायक के प्रतिनिधि सरोज मिश्रा, भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिलीप पाण्डेय ने कुपोषण रोकने के लिए मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने की अपील की। संयुक्त कृषि निदेशक राम बचन राम,भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. राजमंगल चौधरी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी रतन शंकर ओझा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।