- बच्चों को वन क्षेत्र का भ्रमण कराया, पौधरोपण का महत्व बताया
बस्ती। पर्यावरण जागरूकता माह के अंतर्गत सदर ब्लाॅक के बानडीह मिश्रौलिया व उसके आसपास के गांवों की महिलाओं व स्कूली बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के कार्यों से जोड़ने के उद्देश्य से मिट्टी और तरह-तरह के बीज उपलब्ध कराए। उन्हें सीड बाल बनाना और उसका उपयोग करना सिखाया गया। आने वाले वक्त में इसकी आवश्यकता पर भी बल देते हुए महिलाओं व बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
विश्व युवक केंद्र नई दिल्ली व युवा विकास समिति की तरफ से चल रहे कार्यक्रम के प्रोग्राम मैनेजर प्रशांत द्विवेदी ने बताया कि सीड बाल पर्यावरण संरक्षण की नई परिकल्पना है। इसमें बीज और मिट्टी से बाल तैयार करते हैं, और इसे खाली इलाकों में बरसात के दिनों में फेंक दिया जाता है। इसमें अंकुरण के साथ नये-नये पौधे सुनसान इलाके में भी तैयार हो जाते हैं, जो आने वाले दिनों में पेड़ बनकर पर्यावरण को हरा-भरा करते हैं। हमने ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों को इसको लेकर जागरूक किया है, जिससे वे अपने आसपास के एरिया में इसको ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। इससे ज्यादा एरिया रेन कवर हो सके।
उन्होंने बताया कि महुआ, सागौन, कचनार, गुलमोहर, केसिया और पेल्टोफोरम के बीजों से सीड्स बाल तैयार किए गए। इनमें अंकुरण के लिए आवश्यक गोबर और वर्मी कंपोस्ट मिलाए गए। बच्चों को वन क्षेत्र का भ्रमण करा पौधों के प्रति जानकारी दी गई।
संस्था ने छात्र-छात्राओं को प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर अमरूद और महुआ के पौध का रोपण भी किया गया। उपस्थित लोगों में आम अमरूद के फलदार पौधे वितरित किए गए। कार्यक्रम में सर्वेश तिवारी, बृहस्पति कुमार पांडेय, माधुरी, हर्ष देव पांडेय, तूलिका, अदम्य आदि मौजूद रहे।