बस्ती। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की बैठक बैरिहवा स्थिति संघ कार्यालय में हुई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों एवं समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन भेजा।
जिलाध्यक्ष रतन बाला श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्र से अनाज प्राप्त करने वाले लाभार्थियों का ई-केवाईसी एवं चेहरा प्रमाणीकरण का कार्य जबरन कराया जा रहा है। आंगनबाड़ी कर्मियों को पांच वर्ष पहले दिया गया फोन कब का खराब हो चुका है। इंटरनेट डाटा के लिए कोई धनराशि नहीं दी गई। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की अल्प मानदेय पाने वाली कार्यकर्ता स्वयं मोबाइल नहीं खरीद सकती हैं। फिर भी जिनके पास मोबाइल फोन है। उससे कार्य किया जा रहा है। कुछ लाभार्थियों के आधार कार्ड के साथ जो मोबाइल नंबर जुड़े थे, वह नंबर अब उपलब्ध नहीं है, जिससे ई-केवाईसी का कार्य तब तक नहीं हो सकता।
जिला मंत्री सरोज शुक्ला ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने और सेवानिवृत्त आंगनबाड़ी कर्मियों के ग्रेच्युटी का भुगतान तथा वर्ष में 15 दिनों का मेडिकल अवकाश मानदेय सहित देने की मांग की।
जिला संरक्षक केके श्रीवास्तव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से उच्च न्यायालय एवं मुख्य सचिव के आदेश के बाद भी विभागीय कार्यों के अतिरिक्त अन्य विभागों का कार्य लिए जाने पर चिंता जताई और इस पर रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में सुमन लता पाण्डेय, ओम कान्ति, सुमन पांडेय, चंद्रप्रभा यादव, शैल कुमारी, अनीता पाण्डेय, सुनीता देवी, कुसुम चौधरी, सरला चौधरी आदि उपस्थित रहीं।