बस्ती। सालभर में जिले की करीब 985 मिनी सचिवालयों से एक भी प्रमाणपत्र जारी नहीं हुआ। जबकि हर माह कम से कम 50 प्रमाणपत्र जारी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। माना जा रहा था कि पंचायत स्तर पर आमजनों को आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र सहित 170 तरह की सुविधाएं मिलेंगी।
जिले में 1185 पंचायतों में मिनी सचिवालय का निर्माण कराया गया है। इनमें करीब 1061 पंचायतों में पंचायत सहायक की तैनाती हो चुकी है। मिनी सचिवालय से लोगों को तमाम प्रकार की ऑनलाइन सुविधाएं मिलनी हैं।
इनमें योजनाओं में आवेदन, आय, जाति, निवासी, जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र आदि की सुविधा मिलनी है। मगर ज्यादातर पंचायतों में मिनी सचिवालय का उपयोग सिर्फ विकास कार्यों के भुगतान के लिए हो रहा है। भवनों में स्थापित कार्यालयों में शायद ही कभी सचिव व प्रधान बैठते हों। नागरिकों की सुविधा के लिए मिनी सचिवालयों में कॉमन सुविधा केंद्र (सीएससी) स्थापित किया गया है। जहां से नागरिकों के प्रमाणपत्र बनाने का कार्य किया जाना है।
प्रधान व सचिव की बेरुखी से नहीं हो पाया कार्य
मिनी सचिवालयों में सीएससी के संचालन के लिए प्रधान व सचिव की बेरुखी नागरिकों को सुविधाओं से वंचित कर रही है। पंचायत राज विभाग भी सख्ती नहीं दिखा रहा है। यही कारण है कि अब तक 485 पंचायतों ने ई-डिस्ट्रिक पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है।
मिनी सचिवालयों में सीएससी शुरू कराने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। करीब 700 पंचायतों की आईडी एक्टिव हो चुकी है। 300 पंचायतों ने कार्य शुरू कर दिया है।
-रतन कुमार, डीपीआरओ